द फॉलोअप डेस्क, रांची:
नेपाल में आई बाढ़ के बाद झारखंड के पलामू का रहने वाला प्रवासी मजदूर महेंद्र विश्वकर्मा लापता है। महेंद्र विश्वकर्मा से उनके घरवाले 26 अगस्त से ही संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। यह वही दिन है, जब नेपाल में जलप्रलय आया था। महेंद्र विश्वकर्मा नेपाल के बाणेश्वर स्थित हाईड्रो पावर प्लांट में काम करता था। महेंद्र विश्वकर्मा इसी साल मार्च महीने में नेपाल के बाणेश्वर स्थित हाइड्रो पावर प्लांट में फैब्रिकेटर के रूप में काम करने गया था। घरवालों का कहना है कि महेंद्र नियमित रूप से फोन कॉल पर बातचीत करते थे, लेकिन 26 अगस्त को आई बाढ़ के बाद से उनसे संपर्क टूट गया है। घरवालों का कहना है कि महेंद्र से आखिरी बार 25 अगस्त की रात को बातचीत हुई थी। उस बातचीत में महेंद्र विश्वकर्मा ने किसी परेशानी की बात नहीं की थी।

26 अगस्त की सुबह 8 बजे आया था आखिरी कॉल
गौरतलब है कि महेंद्र विश्वकर्मा ने 26 अगस्त को सुबह 8 बजकर 7 मिनट पर कॉल किया था, लेकिन परिजनों ने उसका फोन नहीं उठाया। बाद में परिजनों ने कॉल बैक किया तो मोबाइल का स्विच ऑफ आने लगा। परिजनों ने बताया कि नेपाल में बाढ़ आने की खबर मिलने के बाद उनकी चिंता और बढ़ गई। घरवालों ने कई बार महेंद्र के मोबाइल पर कॉल किया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। घरवाले अनहोनी की आशंका से घिर गए हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। लोग उनकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

कंपनी ने सभी कर्मियों के सुरक्षित होने की बात की
इस बीच परिवार ने कंपनी के अधिकारियों से बातचीत को तो उन्होंने बताया कि सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं। हालांकि, परिजनों को इंतजार है कि महेंद्र विश्वकर्मा खुद उनसे बातचीत करेंगे तो ही उनको यकीन होगा। परिजनों का कहना है कि जिस परियोजना पर महेंद्र काम कर रहे थे, वह काफी दुर्गम इलाके में है। उन्हें कार्यस्थल तक हेलिकॉप्टर के जरिए पहुंचाया जा रहा था।