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"कैसे मारूँ कि सुसाइड लगे", करोड़पति कारोबारी की हत्या से पहले बहु ने गूगल पर ढूंढ़ा तरीका

"कैसे मारूँ कि सुसाइड लगे", करोड़पति कारोबारी की हत्या से पहले बहु ने गूगल पर ढूंढ़ा तरीका

द फॉलोअप डेस्क

कानपुर के करोड़पति दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, मामले में नए तथ्य सामने आ रहे हैं। पुलिस जांच के मुताबिक, हत्या से पहले आरोपी बहू शालू ने मोबाइल पर गूगल पर यह जानने की कोशिश की थी कि किसी व्यक्ति की इस तरह हत्या कैसे की जाए, जिससे मामला हत्या के बजाय आत्महत्या जैसा दिखाई दे। पुलिस ने इस मामले में कारोबारी के बेटे सुब्रत, बहू शालू और हत्यारोपी नौकर विशाल से जुड़े कुल 7 मोबाइल नंबरों का करीब 1,000 पन्नों का CDR यानी कॉल डेटा रिकॉर्ड निकलवाया है। इस रिकॉर्ड में 1 मई से 6 सितंबर तक की कॉल डिटेल शामिल है। डीसीपी कासिम आबिदी के मुताबिक, CDR की मदद से हत्याकांड से पहले और वारदात के बाद आरोपियों के बीच हुई बातचीत और उनकी गतिविधियों की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।

हत्या के बाद राज किशोर को पांच कॉल

जांच में यह भी सामने आया है कि कारोबारी की हत्या के बाद नौकर विशाल गौतम ने अपने साथी राजकिशोर को पांच बार फोन किया था। इसके बाद वह ऊबर कैब से राजकिशोर के ठिकाने तक पहुंचा था। पुलिस अब ऊबर कैब के पूरे रूट मैप, ड्राइवर के बयान और डिजिटल पेमेंट से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है, ताकि हत्या के बाद विशाल की गतिविधियों की पुष्टि की जा सके। 63 वर्षीय विनीत मिनोचा की हत्या 5 सितंबर की रात हुई थी। इस मामले में उनकी बहू शालू, हत्या को अंजाम देने वाला नौकर विशाल गौतम और उसका साथी राजकिशोर फिलहाल जेल में बंद हैं। पूछताछ में शालू ने पुलिस को बताया था कि उसके ससुर ने उस पर कई तरह की बंदिशें लगा रखी थीं और इसी वजह से उसने हत्या करवाने का फैसला लिया।

जेल में शालू और विशाल से 30 से ज्यादा सवाल

मामले के इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर इंस्पेक्टर केशव तिवारी ने जेल जाकर आरोपी शालू और विशाल से पूछताछ की। दोनों से 30 से ज्यादा सवाल किए गए। पुलिस ने हत्या की साजिश, आरोपियों के बीच हुई बातचीत, घटना वाले दिन की गतिविधियों और वारदात के बाद उठाए गए कदमों को लेकर अलग-अलग सवाल पूछे। पूछताछ में जब शालू से पूछा गया कि सुपारी किलर विशाल ने उसका नाम क्यों लिया, तो उसने कहा कि उसे नहीं पता कि विशाल ने किसके कहने पर उसे फंसाया। घटना वाले दिन विशाल को 14 बार फोन करने के सवाल पर शालू ने बताया कि उसे कपल किटी में शामिल होना था और उसने विशाल से गजरा मंगवाया था। उसके आने में देर होने की वजह से उसने कई बार फोन किया था। पुलिस ने यह भी पूछा कि विशाल ने गार्ड मदन को अपना नाम शिवम क्यों बताया, जिस पर शालू ने कहा कि उसे इसकी जानकारी नहीं है।

विशाल ने कबूला- शालू के कहने पर की हत्या

पूछताछ के दौरान पुलिस ने विशाल से सीधे पूछा कि उसने कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या क्यों की। विशाल के मुताबिक, उसने अपनी भाभी शालू के कहने पर वारदात को अंजाम दिया। विशाल ने बताया कि शालू ने उसे 6 लाख रुपये देने का वादा किया था। इस रकम से उसका 2 लाख रुपये का कर्ज खत्म हो जाता और उसे नौकरी पर रखने की भी बात कही गई थी। विशाल के अनुसार, शालू ने हत्या के अगले दिन 2 लाख रुपये देने और इसके 15 दिन बाद बाकी 4 लाख रुपये देने का वादा किया था। जब उससे सुब्रत के हत्याकांड से जुड़े होने के बारे में पूछा गया तो विशाल ने कहा कि इस हत्या में सुब्रत का कोई कनेक्शन नहीं है।

सुब्रत और विशाल के बीच 309 बार बातचीत

DCP वेस्ट के मुताबिक, कारोबारी के बेटे सुब्रत और विशाल के बीच 1 मई से 5 सितंबर यानी हत्या वाले दिन तक करीब 309 बार बातचीत हुई थी। खास बात यह है कि चोरी के आरोप में विशाल को विनीत मिनोचा ने नौकरी से निकाल दिया था, इसके बावजूद वह सुब्रत के संपर्क में बना रहा। पुलिस ने CCTV फुटेज में दिखाई दे रही विशाल की पहचान को लेकर भी सुब्रत से पूछताछ की है। अब पुलिस दोनों के बयानों को CDR समेत दूसरे डिजिटल साक्ष्यों से मिलाकर देख रही है। पुलिस शालू और विशाल की रिमांड लेने की तैयारी में है। रिमांड मिलने के बाद दोनों का आमना-सामना सुब्रत से भी कराया जा सकता है, ताकि बयानों में सामने आए अंतर और डिजिटल साक्ष्यों की स्थिति स्पष्ट हो सके।

हत्या से दो दिन पहले बदला था सिम

पुलिस की जांच में यह भी पता चला है कि विशाल के पास दो सिम कार्ड थे। हत्या की साजिश बनने के बाद उसने वारदात से करीब दो दिन पहले अपना पुराना सिम बंद कर नया नंबर ले लिया था। पुलिस के मुताबिक, इसी नए नंबर से वह सुब्रत और शालू के संपर्क में था। हत्या वाले दिन सुब्रत ने विशाल से 25 बार, जबकि शालू ने उससे 14 बार बातचीत की थी। जांच टीम इन कॉल्स के समय, अवधि और लोकेशन समेत दूसरे डिजिटल रिकॉर्ड का भी मिलान कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि हत्या से पहले और बाद में आरोपियों के बीच किस तरह संपर्क हुआ। विनीत मिनोचा बिरहाना रोड पर ‘फार्मा ट्रेडर्स’ नाम से दवा की फर्म चलाते थे। वह अपने बेटे सुब्रत के साथ कारोबार संभालते थे। पुलिस के मुताबिक, फर्म का सालाना टर्नओवर करीब 50 से 60 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। हत्याकांड की जांच में पुलिस संपत्ति विवाद और लालच के एंगल को भी खंगाल रही है। पुलिस के अनुसार, विनीत ने वर्ष 2022 में अपनी करोड़ों रुपये की संपत्ति की वसीयत पत्नी पुनीता, बेटे सुब्रत और बेटी शुभानी के नाम की थी। पुनीता लंबे समय से अपने पति से अलग रह रही थीं और गाजियाबाद में बेटी के साथ रहती हैं। वह पेशे से मैरिज काउंसलर हैं।

शादी से पहले ही अलग रह रही थीं पुनीता

शालू के भाई धीरज अरोड़ा के मुताबिक, सुब्रत और शालू की शादी तय होने के बाद लखनऊ में रोका कार्यक्रम हुआ था। इसमें सुब्रत के रिश्तेदार शामिल हुए थे, लेकिन उनकी मां पुनीता कार्यक्रम में नहीं पहुंची थीं। हालांकि, उन्होंने वीडियो कॉल के जरिए शालू से बातचीत कर उसे आशीर्वाद दिया था। धीरज के मुताबिक, पुनीता शादी से पहले से ही गाजियाबाद में रह रही थीं। अब पुलिस हत्या के पीछे पारिवारिक परिस्थितियों, संपत्ति से जुड़े पहलुओं, आरोपियों के बीच संपर्क और डिजिटल साक्ष्यों को एक साथ जोड़कर पूरे मामले की जांच आगे बढ़ा रही है।

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