द फॉलोअप डेस्क
गांडेय विधायक कल्पना सोरेन और जमशेदपुर पूर्वी की विधयाक पूर्णिमा दास साहू आज मुंबई में पापड़ बेलती दिखीं। दोनों ने लिज्जत पापड़ केंद्र में पापड़ बेलने का एक्सपीरियंस लिया। झारखंड विधानसभा की महिला एवं बाल विकास समिति के महाराष्ट्र एक्सपोज़र विजिट के दौरान गांडेय विधायक कल्पना सोरेन ने महिला आत्मनिर्भरता और सामूहिक कार्य संस्कृति के मॉडलों को करीब से समझा। इस दौरान उन्होंने मुंबई स्थित श्री महिला गृह उद्योग, लिज्जत पापड़ और डब्बावाला इंटरनेशनल एक्सपीरियंस सेंटर का दौरा किया। इन दोनों अनुभवों को लेकर कल्पना सोरेन ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें भी साझा की हैं। मुंबई में लिज्जत पापड़ केंद्र के दौरे के दौरान कल्पना सोरेन और जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा दास ने महिलाओं के साथ बैठकर लिज्जत पापड़ भी बेला।
“संघे शक्ति कलियुगे”, इस विचार को यदि किसी संस्था ने वास्तविक रूप दिया है, तो वह है श्री महिला गृह उद्योग,लिज्जत पापड़। महिलाओं की सामूहिक शक्ति, आत्मविश्वास और सहयोग से खड़ा हुआ यह संगठन आज आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण का प्रेरणादायी उदाहरण बन चुका है।
— Kalpana Murmu Soren (@JMMKalpanaSoren) May 20, 2026
गृह एवं कुटीर उद्योगों… pic.twitter.com/hkgbF2qc32

सामूहिक कार्य संस्कृति हर क्षेत्र में अपनाने की जरूरत
उन्होंने महिलाओं की सामूहिक शक्ति, आत्मविश्वास और सहयोग की भावना की सराहना करते हुए कहा कि गृह एवं कुटीर उद्योग ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का प्रभावी माध्यम बन सकते हैं। उन्होंने डिस्ट्रिब्यूटेड प्रोडक्शन मॉडल को रोजगार सृजन और महिला सशक्तिकरण का सफल उदाहरण बताया। वहीं महिला एवं बाल विकास समिति के सदस्यों ने मुंबई स्थित डब्बावाला इंटरनेशनल एक्सपीरियंस सेंटर का भी भ्रमण किया। करीब 135 वर्षों से अनुशासन और समयबद्ध सेवा के लिए प्रसिद्ध मुंबई के डब्बावालों की कार्यप्रणाली को समझना समिति के लिए प्रेरणादायी अनुभव रहा। प्रतिदिन हजारों डब्बावाले लाखों लोगों तक घर का बना भोजन पहुंचाते हैं। कल्पना सोरेन ने कहा कि ऐसे मॉडल श्रम, संगठन क्षमता और सामूहिक कार्य संस्कृति की मिसाल हैं, जिन्हें समाज के अन्य क्षेत्रों में भी अपनाने की जरूरत है।
