गिरिडीह
“आप बहुत याद आएंगे सोनू भैया…” ये शब्द हैं कल्पना सोरेन के, जिनके राजनीतिक सफर में दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू बड़े भाई की तरह हर कदम पर उनके साथ खड़े रहे। तारीख थी 4 मार्च 2024, जब कल्पना सोरेन ने गिरिडीह के झंडा मैदान से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी। उस वक्त सुदिव्य सोनू उनके साथ मजबूती से खड़े रहे। जब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जेल गए, तब भी सुदिव्य सोनू ने कल्पना सोरेन का हर मोर्चे पर साथ निभाया। राजनीतिक कार्यक्रम हों या रणनीति बनाने की बात, हर कदम पर सुदिव्य सोनू कल्पना सोरेन के साथ नजर आए। यही वजह है कि कल्पना सोरेन उन्हें सिर्फ एक राजनीतिक साथी नहीं, बल्कि अपने बड़े भाई के रूप में देखती थीं। आज उनके जाने के बाद कल्पना सोरेन की भावुक पोस्ट में उस रिश्ते का दर्द साफ झलक रहा है।

कहा- एक अभिभावक को खोने जैसा है ये पल
उन्होंने कहा कि सोनू भैया अब हमारे बीच नहीं रहे। उनका यूं चले जाना मेरे लिए एक अभिभावक को खोने जैसा है। राजनीति के सफर में उन्होंने हर कदम पर हौसला दिया और हमेशा बड़े भाई की तरह मेरे साथ खड़े रहे। उनसे मिली सीख, उनका स्नेह और मार्गदर्शन मेरे जीवन की अमूल्य पूंजी है। झारखंड आंदोलन से लेकर जीवन के अंतिम समय तक सोनू भैया झारखंड, झारखंडियत और यहां के लोगों के अधिकारों के लिए पूरी निष्ठा से समर्पित रहे। आज मन यह स्वीकार नहीं कर पा रहा है कि आप हमारे बीच नहीं हैं। आपका जाना मेरे लिए ऐसी व्यक्तिगत क्षति है, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। सोरेने ने कहा, आप बहुत याद आएंगे सोनू भैया… ईश्वर आपको अपने श्रीचरणों में स्थान दें। भावपूर्ण श्रद्धांजलि।
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