बोकारो
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने JSSC-CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। रविवार को बोकारो निवास में द फॉलोअप से बातचीत के दौरान उन्होंने सवाल उठाया कि यदि परीक्षा में इतनी बड़ी गड़बड़ी हुई है, तो अब तक JSSC के अध्यक्ष और सचिव के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई? बाबूलाल मरांडी ने कहा कि परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर राज्य सरकार ने झारखंड हाई कोर्ट में अपना पक्ष रखा था। उन्होंने कहा कि सरकार ने कोर्ट में माना कि परीक्षा पूरी तरह दूषित हो गई थी, जिसके कारण पूरी परीक्षा को रद्द करना पड़ा।
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कार्रवाई केवल निचले स्तर तक ही सीमित क्यों
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब सरकार स्वयं मान रही है कि पूरी परीक्षा गड़बड़ थी, तो फिर जांच एजेंसी की कार्रवाई केवल निचले स्तर तक ही सीमित क्यों है? उन्होंने कहा कि मामले में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और यह स्पष्ट होना चाहिए कि परीक्षा प्रक्रिया में इतनी बड़ी गड़बड़ी आखिर कैसे हुई। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि JSSC-CGL परीक्षा विवाद की निष्पक्ष और विस्तृत जांच जरूरी है। उन्होंने मामले में CBI जांच की मांग दोहराते हुए कहा कि इससे परीक्षा से जुड़े पूरे मामले की वास्तविकता सामने आ सकती है।

CID की भूमिका पर भी सवाल उठाए
नेता प्रतिपक्ष ने सरकार और CID की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले को लेकर राज्य की जनता और अभ्यर्थियों को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता जरूरी है, क्योंकि इससे बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के भविष्य का सवाल जुड़ा होता है।