द फॉलोअप डेस्क
झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा परीक्षा-2023 (JPSC) का रिजल्ट लटकता ही जा रहा है। कई स्तरों से जांच की मांग और अनुशंसा को लेकर रिजल्ट के प्रकाशन में विलंब हो रहा है। अब राज्य सरकार ने भी जेपीएससी को पत्र लिख कर कथित अनियमितताओं पर प्रतिवेदन की मांग की है। जेपीएससी को बिंदुवार जवाब देने का निर्देश दिया है। मालूम हो कि इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास की शिकायत पर राज्यपाल ने जेपीएससी को नियमानुसार कार्रवाई का निदेश दिया था। साथ ही राजभवन ने राज्य सरकार को भी पत्र लिख कर जेपीएससी से उत्तर पुस्तिकाओं की जांच में अनियमितता की मिली शिकायत की जांच कराने की अनुशंसा की थी। राजभवन की अनुशंसा और अभ्यर्थियों की शिकायतों के बाद कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग ने जेपीएससी को बिंदुवार जांच प्रतिवेदन की मांग की है। कार्मिक द्वारा इस संबंध में जेपीएससी को पत्र लिखा गया है।

यहां मालूम हो कि जेपीएससी 11 वीं से 13 वीं मुख्य परीक्षा में उत्तीर्ण 864 अभ्यर्थियों का इंटरव्यू हो चुका है। अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र और मेडिकल जांच की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। अब जेपीएससी को अंतिम परीक्षाफल का प्रकाशन करना है। सूत्रों के अनुसार परीक्षाफल के प्रकाशन के लिए तैयारी भी पूरी हो चुकी है। लेकिन कई स्तरों से जांच की मांग और जांच कराने की अनुशंसा के कारण परीक्षाफल प्रकाशित करने के लिए जेपीएससी फिलहाल उपयुक्त समय नहीं मान रहा है। मालूम हो कि इससे पूर्व अभ्यर्थियों ने उत्तर पुस्तिकाओं की जांच में अनियमितता को लेकर झारखंड हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की थी। हालांकि हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी। लेकिन हाईकोर्ट में सुनवाई के कारण भी परीक्षाफल का प्रकाशन प्रभावित हुआ। अब अभ्यर्थी डबल बेंच में जाने की तैयारी कर रहे हैं।
