गढ़वा
JPSC-JSSC में गड़बड़ी के खिलाफ छात्रों के आंदोलन का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार की शाम छात्रों के द्वारा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने के दौरान कई जिलों में झड़प हो गयी। छात्रों के द्वारा झामुमो कार्यकर्ताओं पर मारपीट का आरोप लगाया जा रहा है। अब इस मामले को लेकर सत्ताधारी दल और विपक्ष आमने सामने है। झामुमो पर लग रहे छात्रों को पीटने के आरोप पर पार्टी के केंद्रीय सदस्य जवाहर पासवान ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा का रुख बिल्कुल साफ है। झारखंड सरकार पूरी तरह से छात्रों के साथ है एवं छात्रों के हित में कार्य कर रही है। यहां कुछ राजनीतिक दल के लोग छात्रों के कंधे पर रखकर बंदूक चला रहे हैं। यह कार्य किसी भी स्थिति में छात्र हित में नहीं है, झामुमो जिला कमिटी व केंद्रीय सदस्य ने शनिवार को गढ़वा में एक प्रेस वार्ता में ये बाते कही। झामुमो केंद्रीय सदस्य जवाहर पासवान ने कहा कि राज्य में जो छात्र आंदोलन चल रहा है। इस पर हेमंत सरकार ने छात्रों की सारी बातें मान ली है। सिर्फ सीबीआई जांच को छोड़ कर सरकार ने आंदोलन पर पूर्ण विराम लगा दिया था।

न्यायालय ने ही सरकार के फैसले को रोक दिया तो इसमें सरकार कहां से आ गई
सीबीआई को जेपीएससी प्रथम और द्वितीय का जांच दिया गया था, परंतु आज तक कोई बंद लिफाफा नहीं मिला। उसका नतीजा शून्य रहा, सीबीआई जांच में यही होता है। जबकि राज्य सरकार ने सीआईडी से जांच शुरू कराया है। सीआईडी तीव्र गति से जांच कर रही है। अब तक दो दर्जन से अधिक लोग शिकंजे में आ चुके हैं। सरकार के फैसले के विरुद्ध छात्र कोर्ट गए थे, न्यायालय ने सरकार के फैसले पर स्टे लगा दिया। जब न्यायालय ने ही सरकार के फैसले को रोक दिया तो इसमें सरकार कहां से आ गई। इसमें सरकार कैसे दोषी है, फिर भी राजनीतिक दलों एवं कोचिंग माफिया के उकसावे पर लोग मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन कर रहे हैं। यह कहीं से भी उचित नहीं है। यह बहुत ही शर्मनाक बात है, यह कार्य राजनीति से प्रेरित है। इस पर यदि राजनीति ही करनी है तो लोग खुलकर राजनीतिक करें। भाजपा के लोग छात्रों को उकसा रहे हैं। झामुमो नेता ने कहा कि भाजपा के लोग कहीं भी हेमंत सरकार को घेर नहीं पा रहे हैं, तो उन्हें लग रहा है कि छात्र आंदोलन बहुत अच्छा मौका है। इसी पर वे अपना राजनीतिक रोटी सेंक रहे हैं।
.jpeg)