गढ़वा
JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच के आह्वान पर शुक्रवार को राज्य के सभी जिलों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने से रोके जाने के बाद छात्रों में आक्रोश देखा जा रहा है। इस मामले को लेकर शनिवार को गढ़वा में JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच की ओर से प्रेसवार्ता आयोजित की गई। मंच के सदस्यों ने आरोप लगाया कि शुक्रवार को गढ़वा में टाउन हॉल मैदान में पुतला दहन के दौरान छात्रों के साथ मारपीट की गयी। उन्होंने इसे लोकतंत्र की हत्या बताते हुए सवाल उठाया कि यदि सरकारी व्यवस्था में गलत होने के खिलाफ विरोध दर्ज कराना भी संभव नहीं है, तो लोकतंत्र में अपनी बात रखने का अधिकार किसे है। मंच के वक्ताओं ने कहा कि पूर्व में भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन किया गया था, लेकिन उस दौरान उन्हें रोका नहीं गया। ऐसे में सवाल उठता है कि छात्रों और युवाओं के प्रदर्शन के साथ अलग व्यवहार क्यों किया गया।

क्या भविष्य में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन नहीं किया जायेगा
उन्होंने कहा कि क्या भविष्य में हेमंत सोरेन का पुतला दहन या सरकार के खिलाफ प्रदर्शन नहीं किया जायेगा। वक्ताओं ने भर्ती प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य में यह धारणा बनती जा रही है कि 25 लाख, 30 लाख देने पर ही नौकरी मिल सकती है। मंच इसी कथित कुप्रथा को खत्म करने और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर आंदोलन कर रहा है। उन्होंने कहा कि छात्रों के आवाज को दबाया जा रहा है। प्रेसवार्ता में एक अन्य वक्ता ने मंच के राजनीतिक समर्थन को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि हम लोग ABVP के समर्थक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वे भाजपा से अधिक झामुमो को मानने वाले लोग रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि यदि आंदोलन भाजपा समर्थित था, तो जब प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट हो रही थी, उस समय भाजपा के लोग उन्हें बचाने क्यों नहीं पहुंचे।
