रांची
JPSC-JSSC भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती अभियान के प्रमुख आंदोलनकारी छात्र नेता देवेन्द्र नाथ महतो ने आज हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के बाद प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सरकार के रवैये पर कड़ा सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि आज की सुनवाई में सरकार की ओर से अपेक्षित शपथ-पत्र दाखिल नहीं किया गया। सरकार ने पुनः समय की मांग की, जिस पर हाईकोर्ट ने सरकार को दो दिनों का समय प्रदान किया है। देवेन्द्र नाथ महतो ने कहा कि जब सरकार लगातार सीआईडी जांच की बात कर रही है और जांच में अनियमितताओं के तथ्य सामने आने की बात कही जा रही है, तो आखिर सरकार न्यायालय के समक्ष अपना स्पष्ट स्टैंड, तथ्यात्मक स्थिति और जांच की प्रगति दर्शाने वाला शपथ-पत्र दाखिल करने में लगातार विलंब क्यों कर रही है? उन्होंने कहा कि सरकार को अब टालमटोल की नीति छोड़कर न्यायालय के समक्ष स्पष्ट, तथ्यात्मक और जवाबदेह स्थिति रखनी चाहिए।
.jpeg)
24 जिलों की यात्रा ने आंदोलन को कोने-कोने तक पहुंचाया
देवेन्द्र नाथ महतो ने कहा कि सरकार यह भ्रम न पाले कि छात्रों का जोश कमजोर हो गया है। जयपाल सिंह मुंडा आंदोलन, विधानसभा घेराव, सत्याग्रह और अनशन के दौरान जो संघर्ष और ऊर्जा दिखाई गई थी, वह आज भी बरकरार है। उन्होंने कहा कि 24 जिला भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा ने इस आंदोलन को झारखंड के कोने-कोने तक पहुंचा दिया है। यात्रा के दौरान छात्रों, अभिभावकों और आम जनता से मिले व्यापक समर्थन ने स्पष्ट कर दिया है कि पारदर्शी, निष्पक्ष और भ्रष्टाचारमुक्त भर्ती व्यवस्था पूरे झारखंड के युवाओं की आवाज बन चुकी है।

स्वास्थ्य बिगड़ने के बावजूद संघर्ष जारी
देवेन्द्र नाथ महतो ने बताया कि लगातार आंदोलन, अनशन और 24 जिलों की भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा के बाद तबीयत बिगड़ने के कारण वे फिलहाल सदर अस्पताल में भर्ती हैं और आज तीसरे दिन भी उनका उपचार जारी है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य की गंभीर स्थिति के बावजूद छात्रों और युवाओं के अधिकार की लड़ाई के प्रति उनका संकल्प कमजोर नहीं हुआ है। देवेन्द्र नाथ महतो ने कहा कि सरकार छात्रों की आंखों में धूल झोंकने और बार-बार समय लेने की नीति बंद करे। छात्रों को आश्वासन नहीं, न्याय चाहिए। सीआईडी जांच के नाम पर अनिश्चितता नहीं, बल्कि न्यायालय के समक्ष स्पष्ट तथ्य और ठोस कार्रवाई चाहिए। सरकार जल्द से जल्द अपने निर्णय को न्यायालय के समक्ष मजबूती से रखे और छात्रों के हित में निष्पक्ष भर्ती व्यवस्था सुनिश्चित करे। अन्यथा आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर लोकतांत्रिक तरीके से चक्का जाम जैसे आंदोलनात्मक कदम उठाने के लिए छात्र मजबूर होंगे।

हमारे व्हाट्सऐप ग्रुप से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें