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SIR से झारखंडी जनता का होगा मानसिक-आर्थिक शोषण, झामुमो करेगा बहिष्कार- चमेली देवी

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रांची:

झारखंड में विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया की शुरुआत 20 जून से होगी। प्रदेश में सत्तापक्ष की ओर से कड़ा विरोध जताया जा रहा है। झारखंड मुक्ति मोर्चा की वरीय नेत्री चमेली देवी ने मतदाता पुनरीक्षण को भारतीय जनता पार्टी का षड्यंत्र बताते हुए कहा कि उनकी पार्टी इस प्रक्रिया का पुरजोर विरोध करेगी। चमेली देवी ने दावा किया कि एसआईआर की प्रक्रिया से आम लोगों को अनावश्यक परेशानी होगी, लोगों के संविधान प्रदत अधिकारों पर आघात होगा और सामाजिक सौहार्द बिगड़ेगा। चमेली देवी ने इसे झारखंड में आदिवासियों, दलितों, पिछड़ों और वंचित वर्ग के लोगों को परेशान करने का सुनियोजित राजनीतिक षड्यंत्र कहा। 

चमेली देवी ने कहा कि भाजपा लोकतंत्र को सुविधाजनक बनाने की जगह जनता को ही संदेह और भय के दायरे में खड़ा करने की राजनीति कर रही है।

दफ्तरों का चक्कर लगाने को सक्षम नहीं झारखंडी!
चमेली देवी ने कहा कि झारखंड में लोग पहले ही महंगाई से परेशान हैं। ग्रामीण इलाकों में लोगों के पास आजीविका चलाने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं है, और ऐसी स्थिति में वे सरकारी दफ्तरों का चक्कर लगाने की स्थिति में नहीं है। उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया में दस्तावेजों के सत्यापन को जाल बताते हुए कहा कि इससे जनता का मानसिक और आर्थिक शोषण  होगा। चमेली देवी ने भाजपा से सवाल किया है कि चुनाव से पहले ही जनता की पहचान, नागरिकता और अधिकारों पर सवाल खड़ा करने की सियासत क्यों होती है?

चमेली देवी ने आरोप लगाया कि भाजपा लोकतंत्र को जनता की भागीदारी की जगह जनता को डराकर चलानी पड़ती है। 

झामुमो नेत्री ने कहा कि बीजेपी ने युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था, किसानों की आय दोगुनी करने औरर मंहगाई कम करने का दावा किया था, लेकिन जब इन मुद्दों पर जवाब देना हो तो जनता का ध्यान भटकाने के लिए नए विवाद और प्रतिक्रियाएं सामने लाती है। 

गरीबों के पास पुराने दस्तावेज नहीं होने से परेशानी!
चमेली देवी ने कहा कि सर्वाधिक परेशानी उन गरीब परिवारों को होगी, जिनके पास वर्षों पुराने दस्तावेज नहीं हैं। बाढ़, गरीबी या पलायन की वजह से जिनका घर उजड़ गया है और जिनकी जिंदगी रोजी-रोटी कमाने की जद्दोजहद में गुजरती है, वह दस्तावेज कहां से लाएंगे।

चमेली देवी ने कहा कि भाजपा हमेशा गरीबों और वंचितों को शक की निगाह से देखती है। उन्होंने एसआईआर को लोकतांत्रिक अधिकारों को नियंत्रित करने की मानसिकता करार दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा बताए क्या गरीब होना पाप है। चमेली देवी ने कहा कि झारखंड की जागरूक जनता भाजपा का षड्यंत्र समझ चुकी है। यह आंदोलन और संघर्ष की धरती है। 

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