द फॉलोअप डेस्क
राजस्थान के उदयपुर जिले के भोपालपुरा थाना क्षेत्र स्थित आयाड इलाके में झारखंड के लातेहार निवासी 23 वर्षीय अजय कुमार की निर्मम हत्या कर दी गई। हत्या के बाद आरोपी ने शव को कमरे में रखे पलंग के बॉक्स में छिपा दिया। इस सनसनीखेज वारदात के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। मृतक लातेहार सदर थाना क्षेत्र के बहेराटांड़ गांव का रहने वाला था। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले में आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। मृतक के चचेरे भाई करण कुमार ने बताया कि अजय करीब तीन महीने पहले सरिया फैक्ट्री में काम करने के लिए राजस्थान गया था। उसे पतरातू निवासी सलीम अंसारी के माध्यम से नौकरी मिली थी। फैक्ट्री में उसके साथ पलामू जिले के पांकी निवासी राहुल शर्मा भी काम करता था। दोनों अलग-अलग कमरों में रहते थे, लेकिन एक-दूसरे से अच्छी पहचान और बातचीत थी।

खाना खाने के दौरान हुआ विवाद, चाकू से कर दी हत्या
बताया जा रहा है कि घटना वाली रात अजय और राहुल ने साथ बैठकर भोजन किया था। इसी दौरान किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि राहुल शर्मा ने अजय पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गले पर कई वार किए जाने से अजय की मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने की नीयत से शव को पलंग के बॉक्स में छिपा दिया और मौके से फरार हो गया। जाते-जाते उसने अन्य मजदूरों को कमरे में नहीं जाने की हिदायत भी दी, जिससे काफी देर तक किसी को घटना की जानकारी नहीं मिल सकी। रात में जब साथ काम करने वाले मजदूरों को संदेह हुआ तो उन्होंने कमरे का दरवाजा खोलकर जांच की। पलंग का बॉक्स खोलते ही अजय का शव देखकर सभी के होश उड़ गए। कमरे से खून के निशान और हत्या में प्रयुक्त चाकू भी बरामद हुआ। सूचना मिलने के बाद भोपालपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने आरोपी राहुल शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, शादी की चल रही थी तैयारी
अजय की हत्या की खबर मिलते ही लातेहार के बहेराटांड़ गांव में शोक की लहर फैल गई। परिजनों ने प्रशासन से शव को जल्द गांव लाने और आरोपी को कड़ी सजा दिलाने की मांग की है। अजय पासवान के पिता अर्जुन पासवान की आठ वर्ष पहले ही मृत्यु हो चुकी थी। पिता के निधन के बाद पूरे परिवार की जिम्मेदारी अजय के कंधों पर थी। वह मजदूरी कर अपनी मां और दो छोटे भाइयों का पालन-पोषण करता था। दोनों भाई क्रमशः 14 और 15 वर्ष के हैं और कभी-कभी मजदूरी भी करते हैं। चचेरे भाई करण कुमार ने बताया कि अजय के घर लौटने के बाद उसकी शादी की बात भी चल रही थी, लेकिन उससे पहले ही यह दर्दनाक घटना हो गई, जिससे पूरा परिवार गहरे सदमे में है।