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सिक्किम टनल हादसे में हजारीबाग के मजदूर की मौत

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द फॉलोअप डेस्क
सिक्किम में रेलवे टनल निर्माण के दौरान हुए भीषण हादसे में झारखंड के हजारीबाग जिले के बरही प्रखंड अंतर्गत तिलैया बस्ती पंचायत के कोल्हुआकला निवासी जागेश्वर ठाकुर की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही पूरे गांव में मातम पसर गया। जागेश्वर ठाकुर अपने परिवार के मुख्य कमाऊ सदस्य थे। उनके निधन से पत्नी, दो पुत्र, एक पुत्री और वृद्ध माता-पिता पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि गांव में शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार, सिक्किम के नामची जिले में गंगटोक से लगभग 80 किलोमीटर दूर एक निर्माण कंपनी द्वारा रेलवे टनल का निर्माण कार्य कराया जा रहा था। बीते 20 जुलाई की सुबह करीब 10 बजे निर्माणाधीन सुरंग के भीतर अचानक पहाड़ का एक हिस्सा भरभराकर गिर पड़ा। हादसे के समय कई मजदूर सुरंग के अंदर काम कर रहे थे और देखते ही देखते वे मलबे में दब गए। बताया जा रहा है कि इस दुर्घटना में कुल 27 श्रमिक प्रभावित हुए, जिनमें कई मजदूरों की मलबे में दबने और जहरीली गैस की चपेट में आने से मौत हो गई।


पहचान पत्र से हुई जागेश्वर ठाकुर की शिनाख्त
हादसे के बाद राहत एवं बचाव अभियान लगातार चलाया गया। अब तक 15 शव मलबे से निकाले जा चुके हैं। बरामद शवों की पहचान गर्दन में लगे पहचान पत्र के आधार पर की गई, जिसमें एक शव की पहचान जागेश्वर ठाकुर के रूप में हुई। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। जागेश्वर की मौत की खबर गांव पहुंचते ही तिलैया बस्ती पंचायत सहित आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों और रिश्तेदारों की भीड़ उनके घर पहुंचने लगी, जहां परिवार के सदस्य गहरे सदमे में हैं।


मुख्य कमाऊ सदस्य की मौत से आर्थिक संकट गहराया
जागेश्वर ठाकुर परिवार के एकमात्र मुख्य कमाऊ सदस्य थे। उनकी असमय मौत से परिवार के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। मृतक अपने पीछे पत्नी, दो बेटे, एक बेटी और वृद्ध माता-पिता को छोड़ गए हैं। परिवार का कहना है कि अब उनके सामने जीवनयापन की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। मृतक के बड़े पुत्र राहुल शर्मा अपने सहयोगियों के साथ सिक्किम पहुंच चुके हैं और स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हैं। पार्थिव शरीर को जल्द गांव लाने की प्रक्रिया जारी है। इस बीच बरही विधायक एवं लोक लेखा समिति के सभापति मनोज कुमार यादव ने दूरभाष पर परिजनों से बात कर गहरी संवेदना व्यक्त की और हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। वहीं, गांव के लोगों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने भी शोक जताते हुए पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की है। पूरा गांव अब जागेश्वर ठाकुर के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन का इंतजार कर रहा है।

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