सीतेश कुमार/हजारीबाग
झारखंड में इन दिनों विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया चल रही है। दावा किया जा रहा है कि मतदाता सूची को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए पूरा प्रशासनिक तंत्र सक्रिय है। लेकिन आज हज़ारीबाग के कोर्रा क्षेत्र के बूथ संख्या 372 और 373 (लाखे) से सामने आई तस्वीर कई गंभीर सवाल खड़े करती है। तस्वीरों में स्कूल के बच्चे SIR के फॉर्म बांटते दिखाई दे रहे हैं। सवाल यह है कि जिस जिम्मेदारी को निभाने के लिए निर्वाचन आयोग ने BLO और सरकारी कर्मचारियों की नियुक्ति की है, वह काम आखिर बच्चों से क्यों कराया जा रहा है? क्या बच्चों की जगह अब प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाने के लिए तय कर दी गई है? क्या चुनाव जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में बाल श्रम जैसी स्थिति को सामान्य माना जाएगा? यदि नहीं, तो फिर यह लापरवाही किसकी है?
