logo

सड़क हादसों में प्रतिवर्ष 4100 मौतें, जोखिम के मामले में देशभर में तीसरे नंबर पर झारखंड

सड़क हादसों में प्रतिवर्ष 4100 मौतें, जोखिम के मामले में देशभर में तीसरे नंबर पर झारखंड

द फॉलोअप डेस्क:

झारखंड में सड़क दुर्घटनाओं की गंभीरता को लेकर चिंता बढ़ाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की रिपोर्ट 'Road Accidents in India 2023-24' के अनुसार, राज्य वर्ष 2023 और 2024 में लगातार दूसरे साल देश में तीसरे स्थान पर रहा। वर्ष 2023 में झारखंड में 78.5 प्रतिशत सड़क हादसे गंभीर श्रेणी के थे, जबकि 2024 में यह आंकड़ा बढ़कर 79.2 प्रतिशत हो गया। इस सूची में वर्ष 2024 में मिजोरम 93.2 प्रतिशत के साथ पहले और बिहार 80.5 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर रहा। वहीं, देशभर में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या भी बढ़ी है। वर्ष 2023 में 1,72,890 लोगों की जान गयी थी, जबकि 2024 में यह आंकड़ा बढ़कर 1,77,175 हो गया। झारखंड में हालांकि सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या 2023 के 4,173 से घटकर 2024 में 4,114 रही।

सड़क सुरक्षा सुधारने की मांग

युवाओं की मौत के आंकड़े भी सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2023-24 में सड़क हादसों में जान गंवाने वालों में 18 वर्ष से कम उम्र के लोगों की हिस्सेदारी 5.7 प्रतिशत रही। वहीं, 18 से 25 वर्ष आयु वर्ग के 19.3 प्रतिशत और 25 से 35 वर्ष आयु वर्ग के 23.2 प्रतिशत लोग हादसों का शिकार हुए। इसके अलावा 35 से 45 वर्ष के लोगों की हिस्सेदारी 21.6 प्रतिशत और 45 से 60 वर्ष के लोगों की 17.2 प्रतिशत रही। इस बीच, झारखंड में सड़क सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने की मांग भी उठी है। सड़क सुरक्षा संगठनों राइजअप और लाइफ सेवर्स, रांची ने परिवहन विभाग के सचिव राजीव रंजन को पत्र लिखकर सड़क दुर्घटनाओं की गंभीरता पर चिंता जतायी है। पत्र पर राइजअप के ऋषभ आनंद और लाइफ सेवर्स, रांची के विशाल एच शाह, मोहित चोपड़ा, पराग श्रीवास्तव और अतुल गेरा के हस्ताक्षर हैं।

जिला सड़क सुरक्षा समितियों के गठन की मांग

पत्र में संगठनों ने मार्च 2022 में गठित सुप्रीम कोर्ट की कमेटी ऑन रोड सेफ्टी के निर्देशों का हवाला देते हुए प्रत्येक जिले में जिला सड़क सुरक्षा समिति बनाने की बात कही है। संगठनों के अनुसार, सीमित समीक्षा में राज्य के कई जिलों में इन निर्देशों का पूरी तरह पालन नहीं होने की जानकारी सामने आयी है। पत्र में 26 मार्च 2017 की अधिसूचना का भी उल्लेख किया गया है, जिसके तहत सड़क सुरक्षा से जुड़े दिशा-निर्देशों के क्रियान्वयन के लिए परिवहन विभाग में लीड एजेंसी का गठन किया गया था। संगठनों ने मांग की है कि सड़क सुरक्षा से जुड़े निर्देशों का प्रभावी तरीके से पालन कराया जाए और जिलों में सड़क सुरक्षा समितियों की भूमिका को मजबूत किया जाए, ताकि सड़क हादसों की गंभीरता कम करने की दिशा में ठोस कदम उठाये जा सकें।

Tags - Jharkhand Road Accidents Jharkhand Road Safety Road Accident Statistics 2024 Road Accidents in India 2023-24 Jharkhand Road Accident Deaths