द फॉलोअप डेस्क
झारखंडी क्षेत्रीय कलाकार सोसाइटी ने क्षेत्रीय भाषा और संस्कृति में बढ़ती अश्लीलता एवं फूहड़ता पर रोक लगाने की मांग को लेकर रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री को ज्ञापन सौंपा। सोसाइटी ने अश्लील और फूहड़ सामग्री परोसने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। इस दौरान उपायुक्त ने मामले में जल्द उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके लिए कलाकारों ने उनका आभार जताया। कलाकारों ने कहा कि झारखंड की भाषा और संस्कृति अपनी अलग पहचान और मिठास के लिए जानी जाती है। वरिष्ठ कलाकारों ने वर्षों की मेहनत से इसे देश-दुनिया तक पहुंचाया है। ऐसे में वर्तमान पीढ़ी के कलाकारों की जिम्मेदारी है कि वे इस सांस्कृतिक विरासत को और ऊंचाइयों तक ले जाएं तथा अश्लीलता और फूहड़ता जैसी प्रवृत्तियों से इसकी गरिमा को बचाएं।

9 भाषाओं और 24 जिलों के कलाकारों का समर्थन
सोसाइटी ने बताया कि झारखंड से अश्लीलता को खत्म करने के अभियान में राज्य की 9 भाषाओं और 24 जिलों के कलाकार एकजुट होकर साथ दे रहे हैं। इस पहल को पद्मश्री मुकुंद नायक, पवन रॉय, मोनू राज, मनोज शहरी, पंकज रॉय, अनीता बाड़ा, वर्षा लकड़ा, सरिता देवी, कवि किसन, नितेश कच्छप, विवेक नायक समेत बड़ी संख्या में क्षेत्रीय कलाकारों का समर्थन प्राप्त है।

कानूनी कार्रवाई की उठाई मांग
कलाकारों ने प्रशासन से मांग की कि क्षेत्रीय भाषा और संस्कृति के नाम पर अश्लील एवं फूहड़ सामग्री प्रसारित करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि यह अभियान किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि झारखंड की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक मूल्यों की रक्षा के लिए चलाया जा रहा है।