जामताड़ा:
रामगढ़ से शुरू हुई भर्ती सुधार यात्रा गुरुवार को जामताड़ा पहुंची। यात्रा का जामताड़ा के पसोई मोड़ पहुंचने पर छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो सहित अन्य सदस्यों ने संविधान निर्माता बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर शहर में प्रवेश किया। इसके बाद यात्रा शहर के प्रमुख चौक-चौराहों सुभाष चौक, टावर चौक और इंदिरा चौक पर पहुंची, जहां नुक्कड़ नाटक के माध्यम से स्थानीय छात्रों और अभिभावकों को भर्ती व्यवस्था में सुधार और यात्रा के उद्देश्यों की विस्तृत जानकारी दी गई। नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि झारखंड में चौकीदार से लेकर उच्च पदों तक की भर्तियों में बड़े पैमाने पर धांधली और पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं, जो राज्य के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
देवेंद्रनाथ महतो ने बताया आंदोलन में क्या मिला
उन्होंने बताया कि छात्रों के ऐतिहासिक आंदोलन के दबाव में आकर सरकार को मजबूरन कदम उठाना पड़ा था। पूरे देश में पहली बार छात्र आंदोलन के कारण 45 परीक्षाओं पर सख्त कार्रवाई की गई, जिसमें से 22 परीक्षाएं रद्द की गईं, 17 परीक्षाओं की जांच शुरू हुई और 6 परीक्षाओं पर रोक लगाई गई। देवेंद्रनाथ ने दावा किया कि पूरे भारत में छात्र आंदोलन के दम पर इतनी बड़ी कार्रवाई पहले कभी नहीं हुई थी।

युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने का एक मजबूत संकल्प
महतो ने कहा कि सरकार की इस कार्रवाई के महज दो दिन बाद अदालत द्वारा कुछ परीक्षाओं पर रोक लगाए जाने से राज्य भर के छात्रों में भारी निराशा का माहौल बन गया है। युवाओं को लगने लगा है कि उनके महीनों का भूख हड़ताल और सड़क पर किया गया संघर्ष बेकार न चला जाए। छात्रों के मन में बैठे इसी डर को दूर करने, उनका हौसला बढ़ाने और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए राज्य के सभी 24 जिलों में इस यात्रा की शुरुआत की गई है। देवेंद्रनाथ महतो ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि झारखंडी युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने का एक मजबूत संकल्प है।
देवेंद्रनाथ महतो ने कहा, "हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि झारखंड में नौकरियां सिर्फ झारखंड के योग्य युवाओं को मिलें। पैरवी, पैसे के दम पर नौकरी और पेपर लीक जैसी कुप्रथाएं पूरी तरह खत्म हों।" उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि छात्र अब किसी भी खोखले आश्वासन पर शांत बैठने वाले नहीं हैं। यह 24 जिलों में फैली उलगुलान की शुरुआत है। यदि सरकार ने फिर से छात्रों को ठगने का प्रयास किया, तो आने वाले समय में पूरा झारखंड बंद किया जाएगा और चक्का जाम आंदोलन होगा।
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राजनीतिक दल इसे पचा नहीं पा रहे
पत्रकारों द्वारा जयराम महतो के यात्रा में शामिल न होने पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए देवेंद्रनाथ ने कहा कि उनका पूर्व निर्धारित कार्यक्रम व्यस्त होने के कारण वो उपस्थित नहीं हो पाए हैं, लेकिन उनका पूरा नैतिक समर्थन इस यात्रा के साथ है। राजनीतिक दलों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि बीते 26 वर्षों में बीजेपी, झामुमो, कांग्रेस या आजसू किसी भी दल ने झारखंड के युवाओं और स्थानीय लोगों के हित में ठोस काम नहीं किया। जब युवाओं ने देश का सबसे बड़ा छात्र आंदोलन खड़ा किया, तो राजनीतिक दल इसे पचा नहीं पा रहे हैं।
शिबू सोरेन और निर्मल महतो पर भी लगे थे आरोप!
आलोचकों और बी-टीम कहे जाने के आरोपों पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा, "आजादी की लड़ाई लड़ने वाले महात्मा गांधी, भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस और बाबा साहेब अंबेडकर को भी अंग्रेजों द्वारा किसी न किसी की बी-टीम कहा जाता था। यहां तक कि अलग झारखंड राज्य के संघर्ष के दौरान दिशोम गुरु शिबू सोरेन, विनोद बिहारी महतो और शहीद निर्मल महतो सहित झारखंड के कई महान वीर पुरुषों पर पर भी तरह-तरह के आरोप लगाए गए थे। इसलिए हम पर कोई भी आरोप लगाए, हमें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। हमारा संघर्ष छात्रों के सपनों को बचाने के लिए अंतिम सांस तक जारी रहेगा।"