रामगढ़
रामगढ़ के सीसीएल अरगड्डा क्षेत्र में अवैध कोयला खनन के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया,जहां जहरीली गैस की चपेट में आने से खदान के भीतर बेहोश हुए चारों युवकों की इलाज के दौरान मौत हो गई है। घटना शनिवार को चपरी टोंगी जंगल स्थित बंद खदान के समीप हुई, जहां ऑक्सीजन की कमी के कारण चारों युवक बेहोश हो गए थे। हालांकि, नईसराय से आई 14 सदस्यीय माइंस रेस्क्यू टीम ने जान जोखिम में डालकर एक घंटे के भीतर सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था और उन्हें बेहद गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
बंद खदान में कोयला चुनने गए थे युवक
आज सुबह 8:30 बजे सीसीएल अरगड्डा क्षेत्र की बंद माइंस स्थित काजू बागान चपरी टोंगी जंगल इलाके में रोजाना की तरह अवैध खनन का काम चल रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दो युवक कोयला चुनने के लिए इस अवैध मुहाने के अंदर दाखिल हुए थे। लेकिन खदान के काफी अंदर जाने पर वहां अचानक जहरीली गैस का रिसाव होने लगा और ऑक्सीजन की कमी के कारण दोनों युवक वहीं बेहोश हो गए।
साथियों को बचाने उतरे दो और दोस्त भी हुए बेहोश
जब काफी देर तक दोनों युवक बाहर नहीं आए, तो बाहर खड़े उनके दो अन्य साथी अनहोनी की आशंका में खदान के भीतर घुस गए। लेकिन जहरीली गैस का असर इतना तेज था कि वे दोनों भी खुद को संभाल नहीं पाए और अपने साथियों को बचाने के प्रयास में वहीं बेहोश होकर गिर पड़े। इसके बाद बाहर मौजूद अन्य ग्रामीणों के बीच चीख-पुकार मच गई।
14 सदस्यीय माइंस रेस्क्यू टीम ने चलाया 1 घंटे का ऑपरेशन
घटना की खबर फैलते ही सीसीएल अरगड्डा, सिरका, कुजू प्रबंधन समेत रामगढ़ पुलिस की टीम दल-बल के साथ मौके पर पहुंची। हालात की गंभीरता को देखते हुए तत्काल नईसराय से 14 सदस्यीय माइंस रेस्क्यू टीम को बुलाया गया। रेस्क्यू टीम के 7 जांबाज सदस्य खतरनाक गैस और अंधेरे के बीच ऑक्सीजन मास्क लगाकर अवैध मुहाने के अंदर उतरे। करीब एक घंटे तक चले सांसें रोक देने वाले इस ऑपरेशन के बाद चारों युवकों को बाहर निकाला जा सका।
गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती, रांची रेफर करने की तैयारी
खदान से अचेत अवस्था में निकाले गए युवकों की पहचान बुध बाजार सिरका निवासी आशीष घटवार व किशोर रवानी तथा छोटकी टोंगी निवासी देव बेदिया व डब्लू बेदिया के रूप में हुई है। सभी को तुरंत एंबुलेंस के जरिए रामगढ़ के एक निजी अस्पताल ले जाया गया था। डॉक्टरों के मुताबिक चारों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई थी, जिसके बाद अस्पताल में इलाज के दौरान चारों की मौत हो गई।
इलाके में फैली मौत की अफवाह, दहशत और मातम का माहौल
चारों युवकों की मौत की पुष्टि होने के बाद पूरे टोंगरी इलाके और मृतकों के गांवों में कोहराम मच गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे क्षेत्र में मातम का माहौल है। घटना के बाद रामगढ़ एसडीपीओ, वन विभाग और स्थानीय पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया। बंद खदानों में इस तरह का अवैध खनन लगातार लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहा है। फिलहाल पुलिस और सीसीएल प्रबंधन इस पूरे मामले की जांच कर रहे हैं कि प्रतिबंध के बावजूद यहां खनन कैसे हो रहा था।