रांची
झारखंड कमजोर मानसून से पहले से जूझ रहा है। इस बीच मौसमी बीमारियां जैसे महामारी का रूप लेने के लिए तैयार हैं। आपको बता दें कि बीते एक माह में राज्य में डेंगू और चिकुनगुनिया के एक हजार से अधिक रोगी सामने आ चुके हैं। मामले की गंभीरता का पता इससे चलता है कि मामले में पूर्व सीएम रघुवर दास स्वास्थ्य विभाग पर लचर व्यवस्था और तैयारियों में लापरवाही बरतने का आरोप लगा चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग के ही अनुसार अब तक राज्य के विभिन्न जिलों में 7356 लोगों के स्वास्थ्य की जांच के क्रम में डेंगू के 732 रोगियों की पुष्टि हो चुकी है। इसके अलावे चिकुनगुनिया के 223 मरीज मिले हैं। हेल्थ डिपार्टमेंट की मानें तो जिलों के लिए 30 लाख मेडिकेटेड मच्छरदानी की मांग केंद्र के समक्ष रखी गयी है। इस मांग के आलोक में केंद्र ने दो चरणों में राज्य को 78 लाख से अधिक, पहले चरण में 15,84,000 और दूसरे चरण में 62,84,557 मच्छरदानी दिसंबर महीने तक भेजने की जानकारी दी है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने यह नहीं बताया है कि किस जिले में कितने मरीज मिले हैं और कितने व किस जिलें में अब तक मेडिकेटेड मच्छरदानी बांटी गयी है या कितनी बांटी जानी है। इसके लिए डाटा तैयार किया जा रहा है। इसके बाद मच्छरदानी का वितरण शुरू कर दिया जायेगा।
क्या कर रहा है विभाग
विभाग अपनी ओर से इन रोगों पर रोकथाम के लिए तमाम कोशिशें कर रहा है। मिली जानकारी के मुताबिक अभी तक 1,20,531 घरों में 4,17,679 जल पात्रों में लार्वा की मौजूदगी की जांच की जा चुकी है। साथ ही 5708 मकानों के 10350 जल पात्रों में लार्वा मिलने पर उसे नष्ट कर दिया गया है। राज्य स्तर से सभी जिलों और वहां के सिविल सर्जन को डेंगू, चिकुनगुनिया की रोकथाम और इलाज को लेकर आवश्यक निर्देश जारी किये गये हैं।

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