द फॉलोअप डेस्क, रांचीः
झारखंड हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। मामला उन ईडी अधिकारियों की याचिका से जुड़ा है, जिन्होंने हेमंत सोरेन की ओर से दर्ज कराई गई FIR और उसके आधार पर शुरू हुई आपराधिक कार्रवाई को चुनौती दी है। गुरुवार को जस्टिस अनिल कुमार चौधरी की अदालत में सुनवाई के दौरान सोरेन की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए और समय मांगा गया। अदालत ने अतिरिक्त समय देने की मांग स्वीकार कर ली, लेकिन यह भी कहा कि इस मामले में पहले भी समय मांगा जा चुका है। इसके बाद कोर्ट ने 10 हजार रुपये की लागत लगाते हुए तय समय सीमा में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। यह राशि झारखंड राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण (JSLSA) में जमा करनी होगी।

2024 में ED की कार्रवाई के बाद दर्ज हुई थी FIR
यह मामला जनवरी 2024 की उस कार्रवाई से जुड़ा है, जब मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के दौरान प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली स्थित हेमंत सोरेन के आवास पर तलाशी ली थी। इसके बाद 31 जनवरी 2024 को सोरेन ने रांची के SC/ST थाने में ईडी अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज कराई। इसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें परेशान किया गया और आदिवासी होने के कारण निशाना बनाया गया। FIR में ईडी के अधिकारी कपिल राज, देवव्रत झा, अनुपम कुमार और अमन पटेल समेत अन्य के खिलाफ SC/ST एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज कराया गया था। इसके बाद ईडी अधिकारियों ने हाईकोर्ट का रुख करते हुए FIR और उसके आधार पर चल रही आपराधिक कार्रवाई को रद्द करने की मांग की। अधिकारियों ने पुलिस की ओर से जारी उस नोटिस को भी चुनौती दी थी, जिसमें उन्हें जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने को कहा गया था।

हाईकोर्ट ने ED अधिकारियों पर कार्रवाई से लगाई थी रोक
ईडी अधिकारियों की याचिका पर हाईकोर्ट ने 4 मार्च 2024 को हेमंत सोरेन और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। उस समय अदालत ने ईडी अधिकारियों के खिलाफ किसी भी तरह की कठोर कार्रवाई नहीं करने का अंतरिम निर्देश भी दिया था। अब गुरुवार की सुनवाई में एक बार फिर जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगे जाने पर अदालत ने 10 हजार रुपये की लागत लगाई है। रिपोर्ट के अनुसार, सोरेन की ओर से छह सप्ताह का समय मांगा गया था, जबकि अदालत ने चार सप्ताह का समय दिया। मामले की अगली सुनवाई अब 2 नवंबर 2026 को होगी।