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रील बनाने वालों को झारखंड सरकार देगी 10 लाख, जानिए क्या है नियम और शर्तें

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द फॉलोअप डेस्कः
अब रील्स बनाने वालों को झारखंड सरकार देगी 10 लाख। जी हां सही सुना आपने। अगर आप भी रील्स बनाने के शौकिन है तो ये खबर आपके लिए किसी जैकपॉट से कम नहीं है। दरअसल झारखंड सरकार ने पर्यटन को प्रमोट करने के लिए एक नई योजना शुरू की है, जिसके तहत आकर्षक और असरदार रील बनाने वाले क्रिएटर्स को 10 लाख तक दिए जाएंगे। सरकार चाहती है कि झारखंड के कमाल के पर्यटन स्थल, सांस्कृतिक विरासत, त्योहार और आदिवासी जीवनशैली को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर प्रमोट किया जाए। इसके लिए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, यूट्यूबर्स, और क्रिएटर्स को आमंत्रित किया जा रहा है। 


अब सवाल है कि कौन बना सकता है रील और किसे इसका लाभ मिलगा। तो बता दें कि कोई भी क्रिएटर या इन्फ्लुएंसर जो झारखंड के लिस्टेड पर्यटन स्थलों पर रील बनाएगा उसे सरकार 10 लाख देगी। रील नई होनी चाहिए दिलचस्प होनी चाहिए और पॉजिटिव मेसेज होना चाहिए। साल में एक बार ही किसी एक क्रिएटर को यह इनाम दिया जाएगा।  रील पर सरकार का उपयोग का अधिकार होगा, लेकिन क्रिएटर को पूरा क्रेडिट दिया जाएगा।  कंटेंट में कोई भ्रामक, नकारात्मक या झूठी बात नहीं होनी चाहिए वरना कार्रवाई संभव है। रील में झारखंड की असल संस्कृति, सुंदरता और आत्मा दिखनी चाहिए। अब ज़रूरत है सिर्फ़ कैमरा उठाने, झारखंड को देखने और उसे रील के ज़रिए दुनिया को दिखाने की।


कहां-कहां बना सकते हैं रील ? 
झारखंड सरकार ने कुल 528 पर्यटन स्थलों को सूचीबद्ध किया है, जो 4 श्रेणियों (A, B, C, D) में बांटे गए हैं। इनमें से कुछ प्रमुख स्थलः 
• नेतरहाट की पहाड़ियाँ 
• हज़ारीबाग नेशनल पार्क 
• बेतला नेशनल पार्क 
• देवघर का वैद्यनाथ धाम और त्रिकुट पर्वत 
• रजरप्पा, मलूटी मंदिर, पारसनाथ, लुगु बुरु, मैक्लुस्कीगंज 
• आदिवासी त्योहार - सरहुल, करमा, सोहराई आदि पर भी रील बन सकती है 

सरकार क्या सुविधाएं देगी? 
• झारखंड पर्यटन विकास निगम (JTDCL) के होटलों में 2 दिन का मुफ्त ठहराव 
• यात्रा के लिए सरकारी साधनों की व्यवस्था 
• वन विभाग और इको टूरिज्म प्राधिकरण का सहयोग 
• ग्रामीण इलाकों को जोड़कर स्थानीय युवाओं को रोजगार और गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूती