द फॉलोअप डेस्क
नीति आयोग की टीम मंगलवार को दो दिवसीय झारखंड दौरे के लिए रांची पहुंची। बुधवार को आयोग की टीम ने सीएम हेमंत के साथ बैठक की। इस दौरान राज्य के विकास पर चर्चा हुई। राज्य सरकार ने एक बार फिर केंद्रीय योजना मद की राशि लंबित होने की शिकायत नीति आयोग से करते हुए इसके शीघ्र भुगतान कराने का आग्रह किया है। जिसपर नीति आयोग की ओर से सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया गया है। आयोग के सदस्य विनोद कुमारपॉल ने कहा कि नीति आयोग केंद्र और राज्य सरकारों के बीच एक सेतु का काम करता है। उन्होंने बताया कि झारखंड के विकास के लिए केंद्र से जो भी सहयोग की जरूरत होगी आयोग उस पर काम करेगा। बैठक सफल रही। नीति आयोग के साथ करीब चार घंटे तक बैठक चली। इस दौरान राज्य सरकार की ओर से कृषि, स्वास्थ्य, ऊर्जा, खाद्य आपूर्ति सहित विभिन्न विभागों से जुड़ी केंद्रीय योजना मद की राशि लंबे समय से लंबित होने की वजह से विकास कार्य में आ रही बाधा से अवगत कराया गया।

अतिरिक्त खाद्यान्न की भी मांग
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नीति आयोग की टीम के साथ बैठक में कोयले पर रॉयल्टी बढ़ाने की मांग की। अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। बैठक में उन्होंने भूमि अधिग्रहण के लिए मुआवजा जारी करने का मुद्दा भी उठाया, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि यह विभिन्न कोयला कंपनियों के पास लंबित है। सोरेन ने कहा कि भूमि अधिग्रहण के एवज में विभिन्न कोयला कंपनियों का लगभग 80,000 करोड़ रुपये का मुआवजा बकाया है और केवल 2,532 करोड़ रुपये दिए गए हैं। हेमंत सोरेन ने आयोग से कोयले पर रॉयल्टी बढ़ाने की भी मांग की। मुख्यमंत्री ने केंद्र से अतिरिक्त खाद्यान्न की भी मांग की।

मुख्यमंत्री ने मेडिकल कॉलेज का दिया उदाहरण
इस मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड जैसे पिछड़े राज्यों के लिए यह आवश्यक है कि विकास की राह में यह कैसे आगे बढ़े। इसके लिए विशेष कार्य किए जाएं। हमें संसाधन तो मिल रहे हैं, लेकिन उसका उपयोग ऐसी जगह हो रहा है जिससे उसका जितना फायदा होना चाहिए वह नहीं मिल पा रहा है। मुख्यमंत्री ने मेडिकल कॉलेज का उदाहरण देते हुए कहा कि सुदूरवर्ती क्षेत्रों में खोले गए अस्पताल में डॉक्टर जाना नहीं चाहते और वहां संसाधन का घोर अभाव है। आनन-फानन में उद्घाटन तो कर दिया गया, मगर जो सुविधाएं होनी चाहिए, वह उपलब्ध नहीं हो पाई। नीति आयोग से झारखंड सरकार ने यह मांग किया है कि जो भी भविष्य में योजनाएं बनाई जाए वह राज्य सरकार की सहमति से केंद्र सरकार बनाए।

स्टेट्स सपोर्ट मिशन से होगा झारखंड सहित देश का विकास
नीति आयोग के सदस्य विनोद कुमार पॉल के नेतृत्व में झारखंड के दो दिवसीय दौरे पर आई टीम में वरीय सलाहकार नीरज सिन्हा, सलाहकार श्रीमती नीलम पटेल, डॉक्टर अमृत कॉल पॉल, डॉक्टर अशोक ए, डॉ। थ्यागराजू, सुमन सौरभ नमन अग्रवाल शामिल थे। बैठक के बाद नीति आयोग के सदस्य विनोद कुमार पॉल ने कहा कि स्टेट्स सपोर्ट मिशन यानी एसएसएम के जरिए अब राज्यों का विकास होगा। इसके लिए राज्य खुद भविष्य की योजना बनाएंगे। नीति आयोग और केंद्र सरकार ने इसकी शुरुआत की है और इसके तहत सभी राज्यों को इसे प्रभावी बनाने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि देश के 500 प्रखंडों को विकसित करने के लिए केंद्र सरकार ने 3 जनवरी को अभियान की शुरुआत की है। झारखंड में भी सुदूरवर्ती क्षेत्रों के ब्लॉकों को विकसित किया जाएगा। केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय बनाकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे, नीति आयोग का यही मकसद है।
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