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किसानों को राहत के लिए प्रखंड स्तर पर बनेंगे कस्टम हायरिंग सेंटर, गांवों में बनेंगे थ्रेसिंग फ्लोर: शिल्पी नेहा तिर्की

किसानों को राहत के लिए प्रखंड स्तर पर बनेंगे कस्टम हायरिंग सेंटर, गांवों में बनेंगे थ्रेसिंग फ्लोर: शिल्पी नेहा तिर्की

रांची
कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने आज भूमि संरक्षण निदेशालय (Directorate of Land Conservation) के कार्यों की विस्तृत समीक्षा (Detailed Review) की। बैठक में विभागीय सचिव (Departmental Secretary) अबूबकर सिद्दीक, विशेष सचिव (Special Secretary) गोपाल जी तिवारी तथा भूमि संरक्षण निदेशक (Director of Land Conservation) विकास कुमार उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि 13 अगस्त 2026 को भूमि संरक्षण निदेशालय की ओर से आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला (State-Level Workshop) एवं प्रशिक्षण रूपांतरण कार्यक्रम (Training Transformation Programme) में मंत्री ने जिले के सभी भूमि संरक्षण पदाधिकारियों से विभाग की कार्यप्रणाली (Working Process) में सुधार और योजनाओं (Schemes) को अधिक प्रभावी बनाने के लिए लिखित सुझाव (Written Suggestions) मांगे थे। आज की समीक्षा बैठक में इन सुझावों को संकलित कर उन पर विस्तार से विचार-विमर्श (Discussion) किया गया, ताकि व्यावहारिक जरूरतों (Practical Requirements) के अनुरूप विभागीय योजनाओं को बेहतर बनाया जा सके।

प्रखंड स्तर पर बनेंगे कस्टम हायरिंग सेंटर

किसानों को महंगे कृषि यंत्र खरीदने की मजबूरी से राहत दिलाने के उद्देश्य से प्रखंड स्तर पर कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित करने का निर्णय लिया गया। इन केंद्रों पर खेती-किसानी से जुड़े विभिन्न कृषि यंत्र उपलब्ध रहेंगे, जिनका उपयोग किसान अपनी जरूरत के अनुसार किराये पर कर सकेंगे। इससे विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों को लाभ मिलेगा तथा कृषि कार्यों में आधुनिक मशीनों का उपयोग बढ़ाने में मदद मिलेगी। बैठक का एक महत्वपूर्ण निर्णय गांवों में सामूहिक एवं सार्वजनिक उपयोग के लिए पक्के थ्रेसिंग फ्लोर के निर्माण की पहल करना रहा। मंत्री ने इस संबंध में प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया। वर्तमान में अनेक ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को धान की मिसाई, गेहूं की मड़ाई तथा मड़ुवा की कुटाई जैसे कार्यों के लिए समतल और उपयुक्त स्थान उपलब्ध नहीं हो पाता है। इसके कारण उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। सामूहिक पक्के थ्रेसिंग फ्लोर बनने से किसान सुविधाजनक तरीके से इन कार्यों को कर सकेंगे। इससे समय और श्रम की बचत होगी तथा गांव के किसानों को एक साझा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

बड़े ट्रैक्टरों पर सब्सिडी बढ़ाने पर विचार

बैठक में विभाग की ओर से वितरित किए जाने वाले बड़े ट्रैक्टरों पर मिलने वाली सब्सिडी बढ़ाने के प्रस्ताव पर भी विमर्श किया गया। वर्तमान में सरकार की ओर से 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है। किसानों की जरूरतों और कृषि कार्यों में मशीनीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस सहायता को बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा की गई। मंत्री ने भूमि संरक्षण निदेशालय के सभी अधिकारियों के लिए वार्षिक प्रशिक्षण कैलेंडर जारी करने का निर्देश दिया। इसका उद्देश्य अधिकारियों की तकनीकी दक्षता बढ़ाना, नई तकनीकों एवं कार्यप्रणालियों से उन्हें अवगत कराना तथा विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने स्पष्ट किया कि विभागीय योजनाओं का वास्तविक लाभ किसानों तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए आवश्यक है कि योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि किसानों की जमीनी जरूरतों को ध्यान में रखकर उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से प्राप्त सुझावों के आधार पर सुधारात्मक पहल करने और किसानों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया।


 

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