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झारखंड में SIR को लेकर किए जा रहे दावों पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी बोले- किसी का नाम नहीं कटेगा

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द फॉलोअप डेस्क
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा है कि राज्य में वर्तमान में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम का इन्यूमरेशन फेज चल रहा है। इस दौरान मतदाताओं के इन्यूमरेशन फॉर्म भरने, पूर्व मतदाता सूची से मैपिंग, फॉर्म जमा करने और उनके डिजिटाइजेशन का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस चरण में यह बताना संभव नहीं है कि कितने प्रतिशत मतदाताओं के फॉर्म में तार्किक विसंगतियां मिली हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर "झारखंड जनाधिकार महासभा" की ओर से प्रसारित उस दावे को पूरी तरह असत्य और भ्रामक बताया, जिसमें आदिवासी क्षेत्रों के प्रत्येक बूथ पर 30 प्रतिशत मतदाताओं के नाम तार्किक विसंगति सूची में होने और लाखों आदिवासियों का नाम कटने की आशंका जताई गई थी। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से अपील की कि इस तरह के दुष्प्रचार को बढ़ावा न दें। उन्होंने कहा कि वर्तमान मतदाता सूची के प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक का नाम एसआईआर के माध्यम से नई मतदाता सूची में शामिल करना ही इस प्रक्रिया का उद्देश्य है।

तार्किक विसंगतियों की पहचान मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने का हिस्सा

के. रवि कुमार ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान तार्किक विसंगतियों की पहचान और उनका निराकरण मतदाता सूची को शुद्ध एवं त्रुटिरहित बनाने की नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है। इसके तहत मतदाताओं की उम्र, नाम, पिता, माता, पति या पत्नी से संबंधित लिपिकीय त्रुटियों की पहचान कर संबंधित मतदाता से सत्यापन कराया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर ईआरओ या एईआरओ नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेजों के आधार पर त्रुटियों को दूर करेंगे। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य केवल अंतिम मतदाता सूची में सही और प्रमाणिक विवरण सुनिश्चित करना है।

आदिम जनजाति एवं जनजातीय मतदाताओं को मिलेगा पूरा सहयोग

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि जिन आदिम जनजाति एवं जनजातीय समुदाय के मतदाताओं की जानकारी में तार्किक विसंगति मिलेगी या जिनकी मैपिंग नहीं हो पाएगी, उन्हें अंचल कार्यालयों में उपलब्ध खतियान, वंशावली और अन्य अभिलेखों के आधार पर एईआरओ, ईआरओ और जिला निर्वाचन पदाधिकारी की ओर से हरसंभव सहायता प्रदान कर मतदाता सूची में पंजीकरण सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि झारखंड में इन समुदायों से संबंधित आवश्यक अभिलेख सरकारी कार्यालयों में उपलब्ध हैं, इसलिए किसी भी भ्रामक सूचना या दुष्प्रचार के बहकावे में आने की आवश्यकता नहीं है।

वृद्ध और दिव्यांग मतदाताओं की सहायता के लिए तैनात हैं वोलेंटियर्स

के. रवि कुमार ने कहा कि प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल हो, इसके लिए चुनाव आयोग प्रतिबद्ध है। राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर वृद्ध, दिव्यांग और दूरस्थ क्षेत्रों के मतदाताओं की सहायता के लिए विशेष वोलेंटियर्स तैनात किए गए हैं। ये वोलेंटियर्स इन्यूमरेशन फॉर्म भरने में मदद कर रहे हैं और ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद आवश्यकता पड़ने पर जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने में भी सहयोग करेंगे।

 

22 जुलाई को होगी बीएलओ और बीएलए-2 की बैठक एवं चुनाव पाठशाला

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने के लिए एएसडीडी सूची तैयार कर अपात्र प्रविष्टियों को हटाने की प्रक्रिया भी चल रही है। इसके लिए बीएलओ और बीएलए-2 द्वारा दो चरणों में बैठक आयोजित की जा रही है। घर-घर सत्यापन के साथ चुनाव पाठशाला में भी इस सूची को पढ़कर सुनाया गया है। एएसडीडी सूची को अंतिम रूप देने के लिए 22 जुलाई को बीएलओ एवं बीएलए-2 की बैठक और चुनाव पाठशाला का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने मतदाताओं से इसमें भाग लेने और सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से अपने बीएलए-2 की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने की अपील की।

'एक भी पात्र मतदाता का नाम नहीं कटेगा', मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी का भरोसा

के. रवि कुमार ने कहा कि त्रुटिरहित और शुद्ध मतदाता सूची ही मजबूत लोकतंत्र की आधारशिला है। उन्होंने बताया कि राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान युद्ध स्तर पर चल रहा है और इसमें मतदाता, बीएलए-2, बूथ लेवल अवेयरनेस ग्रुप तथा वोलेंटियर्स महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वर्तमान मतदाता सूची में शामिल एक भी पात्र भारतीय नागरिक का नाम नहीं कटेगा, जबकि सभी संबंधित पक्ष यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो।