द फॉलोअप डेस्क:
झारखंड प्रदेश एम्बुलेंस कर्मचारी संघ ने 108 आपातकालीन एम्बुलेंस कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर प्रस्तावित चरणबद्ध आंदोलन को फिलहाल 20 दिनों के लिए स्थगित कर दिया है। ये फैसला 16 सितंबर 2026 को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद लिया गया। बैठक में कर्मचारियों की मांगों पर 15 से 20 दिनों के भीतर विचार कर उन्हें पूरा करने का आश्वासन दिया गया था। संघ के प्रदेश अध्यक्ष नीरज तिवारी ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री के सकारात्मक आश्वासन के बाद संघ ने प्रस्तावित आंदोलन को तत्काल प्रभाव से स्थगित किया है। संघ का कहना है कि ये फैसला सरकार के आश्वासन के सम्मान में लिया गया है।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो 6 अक्टूबर से शुरू होगा आंदोलन
संघ ने स्पष्ट किया है कि अगर निर्धारित समय-सीमा के भीतर कर्मचारियों की मांगों का समाधान नहीं होता है, तो 6 अक्टूबर 2026 से दोबारा चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। संघ ने संशोधित आंदोलन कार्यक्रम की जानकारी राज्य के सभी अनुमंडल पदाधिकारियों, उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों, सिविल सर्जनों और संबंधित पदाधिकारियों को पत्र के जरिए दी है। साथ ही, कार्यक्रमों के लिए आवश्यक अनुमति, प्रशासनिक सहयोग और सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है।
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108 एम्बुलेंस कर्मचारियों का संशोधित आंदोलन कार्यक्रम
6 से 9 अक्टूबर: कर्मचारी काला बिल्ला लगाकर काम करेंगे।
9 अक्टूबर: सभी जिलों में सिविल सर्जन कार्यालय से उपायुक्त कार्यालय तक कैंडल मार्च निकाला जाएगा।
12 अक्टूबर: सिविल सर्जन कार्यालय के सामने भिक्षाटन कार्यक्रम किया जाएगा।
14 अक्टूबर: सिविल सर्जन कार्यालय से उपायुक्त कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
16 अक्टूबर: राज्यभर में एक दिवसीय पूर्ण हड़ताल होगी। इसके साथ NHM कार्यालय, नामकुम, रांची के सामने धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
21 अक्टूबर से: मांगों का समाधान होने तक राज्यभर में अनिश्चितकालीन हड़ताल और चरणबद्ध तरीके से अलग-अलग स्थानों पर विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा।

शांतिपूर्ण तरीके से होगा आंदोलन
झारखंड प्रदेश एम्बुलेंस कर्मचारी संघ ने कहा है कि आंदोलन से जुड़े सभी कार्यक्रम लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किए जाएंगे। संघ को उम्मीद है कि सरकार अपने दिए गए आश्वासन के अनुसार निर्धारित समय-सीमा के भीतर 108 एम्बुलेंस कर्मचारियों की लंबित मांगों का समाधान करेगी। संघ का कहना है कि अगर मांगों का समाधान समय पर हो जाता है, तो दोबारा आंदोलन की स्थिति नहीं आएगी।
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