जमशेदपुर
मंत्री संजय प्रसाद यादव ने आज जमशेदपुर के बिष्टुपुर में झारक्राफ्ट के नए इम्पोरियम का उद्घाटन किया. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह पहल केवल एक दुकान तक सीमित नहीं है, बल्कि झारखंड की पारंपरिक कला और कारीगरों को वैश्विक मंच प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. बिष्टुपुर मेन रोड स्थित दुकान संख्या 1/37 में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री संजय प्रसाद यादव ने कहा कि झारखंड की पहचान उसकी जनजातीय संस्कृति, हस्तशिल्प और हथकरघा परंपरा से है. कारीगरों के हाथों से तैयार उत्पाद केवल वस्तुएं नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक हैं. उन्होंने कहा कि जमशेदपुर में यह इम्पोरियम ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का प्रयास है.

वैश्विक पहचान दिला रहा झारक्राफ्ट: मंत्री संजय प्रसाद यादव
बदलते बाजार रुझानों का उल्लेख करते हुए मंत्री संजय प्रसाद यादव ने कहा कि दुनिया तेजी से हस्तनिर्मित और प्राकृतिक उत्पादों की ओर लौट रही है. झारखंड की डोकरा कला, तसर सिल्क, सोहराय पेंटिंग और बांस और लकड़ी से बने शिल्प अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी अलग पहचान बना रहे हैं. यह राज्य के कारीगरों की मेहनत और प्रतिभा का परिणाम है. उन्होंने झारक्राफ्ट की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि संस्था ने राज्य के हजारों ग्रामीण परिवारों को रोजगार और सम्मानजनक आजीविका प्रदान की है. वर्तमान में 25 हजार से अधिक बुनकर, 120 से ज्यादा सहयोग समितियां और स्वयं सहायता समूह, तथा 200 से अधिक कर्मचारी इससे जुड़े हुए हैं.
झारक्राफ्ट के 14 इम्पोरियम देशभर में संचालित: संजय प्रसाद यादव
उन्होंने बताया कि झारक्राफ्ट के इम्पोरियम रांची, धनबाद, देवघर के अलावा बेंगलुरु, कोलकाता, दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में भी संचालित हो रहे हैं. उन्होंने कहा, “देशभर में संचालित 14 इम्पोरियम झारखंड के उत्पादों को नई पहचान दे रहे हैं और अब जमशेदपुर का यह केंद्र इस श्रृंखला को और अधिक मजबूत करेगा.” उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार कौशल विकास, डिजाइन सपोर्ट और मार्केटिंग के माध्यम से कारीगरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है और आगे भी हरसंभव सहयोग जारी रहेगा. कार्यक्रम में डीसी राजीव रंजन, गरिमा सिंह सहित जिला प्रशासन और झारक्राफ्ट के कई पदाधिकारी उपस्थित थे. नया इम्पोरियम शहरवासियों के लिए जहां खरीदारी का नया विकल्प बनेगा, वहीं राज्य की पारंपरिक कला और संस्कृति को भी व्यापक मंच प्रदान करेगा.
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