logo

पुलिस एसोसिएशन और जयराम महतो प्रकरण में सीएम और स्पीकर की चुप्पी ठीक नहीं, बोले पूर्व सांसद शैलेंद्र महतो

Screenshot_2026-09-03_1709531.jpg

द फॉलोअप डेस्क:
डुमरी विधायक जयराम महतो और झारखंड पुलिस एसोसिएशन के बीच चल रहे विवाद को लेकर पूर्व सांसद शैलेंद्र महतो ने राज्य सरकार से समय रहते हस्तक्षेप करने की मांग की है। गुरुवार को अपने आवासीय कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए पूर्व सांसद ने कहा कि एक विधायक के पीछे पूरी राज्य पुलिस का पड़ जाना गंभीर मामला है। मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष का इस मामले में मूकदर्शक बने रहना राज्यहित में नहीं है।

विधायिका और कार्यपालिका के टकराव का संकेत
पूर्व सांसद ने कहा कि यह मामला अब केवल एक विधायक और पुलिस के बीच विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि विधायिका और कार्यपालिका के बीच टकराव का संकेत दे रहा है। सरकार को समय रहते मामले में हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित करना चाहिए, अन्यथा इसके गंभीर परिणाम राज्य को भुगतने पड़ सकते हैं।

पुलिस के आंदोलन पर उठाए सवाल
शैलेंद्र महतो ने कहा कि भारत में 28 राज्य और आठ केंद्रशासित प्रदेश हैं। ऐसे में आजादी के करीब 80 वर्ष बाद झारखंड में एक निर्वाचित विधायक के खिलाफ पूरा पुलिस महकमा जिस तरह मुखर हुआ है, वह गंभीर और चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने सवाल उठाया कि पुलिस एसोसिएशन आखिर विधायक जयराम महतो से माफी की मांग कर रहा है या उनकी गिरफ्तारी की।

8 सितंबर से 10 अक्टूबर तक आंदोलन की घोषणा
उन्होंने कहा कि पुलिस एसोसिएशन की ओर से जयराम महतो पर धनबाद के बरवाअड्डा थाना में घुसकर सरकारी काम में बाधा पहुंचाने और गाली-गलौज करने समेत कई आरोप लगाये गये हैं। वहीं, पुलिस एसोसिएशन ने राज्यव्यापी आंदोलन की घोषणा भी की है। यह आंदोलन 8 सितंबर से 10 अक्टूबर तक चलाने की बात कही गयी है। शैलेंद्र महतो ने आशंका जतायी कि यदि पुलिस का आंदोलन व्यापक रूप लेता है तो यह राज्य के लिए गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है और यह पूरे झारखंड में बंद का संकेत है।

सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग
शैलेंद्र महतो ने कहा कि बरवाअड्डा थाना में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। ऐसे में पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर सीसीटीवी फुटेज की जांच की जानी चाहिए। इससे स्पष्ट हो जायेगा कि जयराम महतो ने थाना परिसर में सरकारी काम में किस तरह बाधा पहुंचायी। उन्होंने आरोप लगाया कि जयराम महतो के खिलाफ बरवाअड्डा थाना में गलत तरीके से प्राथमिकी दर्ज की गयी है।

वायरल ऑडियो पर भी उठाए सवाल
उन्होंने कहा कि जयराम महतो जनता के निर्वाचित प्रतिनिधि हैं और जनता की समस्याओं को लेकर थाना प्रभारी से बातचीत करने पहुंचे थे। ऐसे मामले में तथ्यों की निष्पक्ष जांच जरूरी है। जयराम महतो के कथित गाली-गलौज वाले ऑडियो के वायरल होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मैं अमर्यादित शब्दों के पक्ष में नहीं, मैं इसका विरोध करता हूं। लेकिन, एक हाथ से ताली नहीं बजती। संभव है कि थाना प्रभारी की ओर से भी ऐसी कोई बात कही गयी हो, जिससे विधायक नाराज हुए हों। इसलिए केवल एक पक्ष के आधार पर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। जो ऑडियो वायरल हुई, वो चंद मिनटों की है। पूरे 11 मिनट बातचीत का ऑडियो सार्वजनिक करना चाहिए।

निष्पक्ष जांच से टकराव टालने की अपील
पूर्व सांसद ने कहा कि किसी निर्वाचित जनप्रतिनिधि और पुलिस संगठन के बीच विवाद का आंदोलन तक पहुंचना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर और चिंताजनक है। ऐसे में सरकार को पूरे मामले में निष्पक्ष जांच कराकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि विधायिका और कार्यपालिका के बीच टकराव की स्थिति उत्पन्न न हो।

Tags - Jairam Mahto Case Shailendra Mahto Jharkhand Police Controversy Barwadda Police Station