द फ़ॉलोअप
झारखंड की राजनीति (Jharkhand politics) में इनदिनों डुमरी (Dumri) के विधायक (MLA) और JLKM के केंद्रीय अध्यक्ष (Central President) जयराम महतो (Jayram Mahato) के दिल्ली दौरे (Delhi visit) की खूब चर्चा है। चर्चा है कि दिल्ली में उनकी मुलाक़ात किसी बड़े नेता (senior political leader) से हुई है और झारखंड की राजनीति को लेकर बड़ी योजना (political strategy) बनाई गई है। दिल्ली से लौटने के बाद जयराम महतो से द फॉलोअप के पत्रकार (journalist) ने सीधी बातचीत (direct conversation) की। जयराम महतो से पूछा गया कि आखिर दिल्ली में किस बड़े नेता से उनकी मुलाक़ात हुई है, जिसकी खूब चर्चा है। जयराम महतो ने द फॉलोअप के कैमरे (camera) पर जवाब देते हुए कहा कि जैसी चर्चा है, वैसी कोई बात नहीं है। किसी भी बड़े नेता से उनकी कोई मुलाक़ात नहीं हुई है। अगर मुलाक़ात होती तो वह सार्वजनिक तौर पर (publicly) जरूर तस्वीर साझा (share a photograph) करके अपने लोगों को बताते, लेकिन ऐसी कोई बात ही नहीं है।

डुमरी को लेकर हुई मुलाक़ात
हालांकि आगे जयराम महतो बताते हैं कि डुमरी विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए उनकी मौलकर ज़रूर कुछ लोगों से हुई है। अगले कुछ ही दिनों में उसका असर भी देखने को मिलने लगेगा। जयराम महतो ने बताया कि कुछ लोग आयेंगे और क्षेत्र का दौरा भी करेंगे। लेकिन जयराम महतो फिर अपनी बात को दोहराते हुए कहा कि कुछ लोग कह रहे हैं कि मेरी मुलाकात गृह मंत्री अमित शाह से हुई है जबकि ऐसी कोई बात ही नहीं है। कुछ लोग कह रहे हैं कि मैं कोडरमा से ट्रेन से गया जबकि मैं प्लेन से गया और प्लेन से ही सेम डे लौटा हूं।

गिरिडीह उपचुनाव में पार्टी का क्या रहेगा रूख ?
गिरिडीह उपचुनाव में उम्मीदवार देने के सवाल पर जयराम महतो ने कहा कि उनकी पार्टी जरूर वहां उम्मीदवार देगी। क्योंकि ये उनके लोकसभा क्षेत्र का इलाका है। गिरिडीह लोकसभा से उन्होंने ख़ुद चुनाव लड़ा था और सिर्फ़ गिरिडीह विधानसभा क्षेत्र के इलाक़े से उन्हें करीब 21 हज़ार वोट मिले थे। इसलिए पार्टी चुनाव लड़ेगी ये तो तय है। अगले कुछ दिनों में बैठक करके उम्मीदवार कौन होगा इस पर भी निर्णय ले लिया जाएगा।

झारखंड विधानसभा के विशेष सत्र में क्या सरकार के साथ रहेंगे ?
झारखंड विधानसभा का विशेष सत्र 25 और 26 नवंबर को बुलाया गया है। यह विशेष सत्र MMDR और SIR को लेकर बुलाया गया है। विधायक जयराम महतो से जब ही सवाल पूछा गया कि सत्र के दौरान उनका क्या स्टैंड रहेगा तो उन्होंने साफ़ कहा कि इस मसले पर वह झारखंड सरकार के साथ रहेंगे क्योंकि इससे राज्य का नुक़सान हो रहा है।
