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जामताड़ा : स्वास्थ्य कर्मियों के वेतन में गड़बड़ी, स्वीकृत मानदेय से आधा भी नहीं मिला भुगतान

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जामताड़ा
जामताड़ा सदर अस्पताल में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मियों के वेतन भुगतान में भारी अनियमितता का गंभीर मामला सामने आया है। सरकारी कोषागार से पारित वाउचर और आउटसोर्सिंग एजेंसी 'कमांडो इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स' द्वारा कर्मियों के खातों में भेजी गई राशि में भारी अंतर पाया गया है। कोषागार से पास वाउचर में कर्मियों का मासिक मानदेय ₹22,689 से लेकर ₹31,324 तक निर्धारित है, जबकि एजेंसी द्वारा अधिकतर कर्मियों के खातों में मात्र ₹13,032 का ही भुगतान किया गया है। अचानक हुए इस कम भुगतान से कर्मियों में भारी आक्रोश और असंतोष व्याप्त है। 
​14.10 करोड़ रुपए का आवंटन और फर्जीवाड़े का खेल
​प्राप्त जानकारी के अनुसार, गत 3 जुलाई को सिविल सर्जन कार्यालय द्वारा आउटसोर्सिंग कर्मियों के मानदेय भुगतान हेतु कुल ₹14.10 करोड़ का आवंटन जारी किया गया था। 
इसमें सदर अस्पताल (निकासी एवं व्यय पदाधिकारी): ₹1.34 करोड़
​प्रथम चिकित्सा पदाधिकारी (जामताड़ा): ₹3.52 करोड़
​एमओआईसी (नाला): ₹3.82 करोड़
​एमओआईसी (नारायणपुर): ₹3.12 करोड़
​रेफरल अस्पताल (कुंडहित): ₹2.27 करोड़
सरकारी वाउचर से कम मिला कर्मियों को वेतन
निर्देश स्पष्ट थे कि बायोमेट्रिक उपस्थिति के आधार पर मानवबल उपलब्ध कराने वाली हजारीबाग की एजेंसी कमांडो इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स तथा सेनिटेशन/हाउसकीपिंग सेवा प्रदाता शिवराम (साहिबगंज) को भुगतान किया जाए। हालांकि, सदर अस्पताल और नारायणपुर में जब कर्मियों के खातों में वेतन जमा किया गया, तो अधिकांश कुशल श्रेणी के कर्मचारियों को मात्र ₹13,032 ही मिले। सरकारी वाउचर और श्रम विभाग द्वारा निर्धारित मानदेय के अनुसार अस्पताल के विभिन्न पदों के लिए स्वीकृत भुगतान इस प्रकार है। स्टाफ नर्स, लैब/ओटी/ईसीजी/डायलिसिस टेक्नीशियन, कंप्यूटर ऑपरेटर और स्टोर कीपर को ₹31,224 से ₹31,324, सिक्योरिटी गार्ड को ₹28,341, तथा गार्डनर, लॉन्ड्री वर्कर और चपरासी को ₹22,689 का मानदेय स्वीकृत है। वहीं, श्रम विभाग ने न्यूनतम मासिक मजदूरी की दरें अकुशल के लिए ₹13,385, अर्द्धकुशल के लिए ₹14,043, कुशल के लिए ₹18,504 और अति कुशल के लिए ₹21,336 निर्धारित की हैं। ऐसे में एजेंसी द्वारा किया गया भुगतान न केवल स्वीकृत मानदेय से कम है, बल्कि श्रम विभाग द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी से भी नीचे है।
श्रम विभाग को नहीं मिला रिटर्न, आज खत्म हो रही एजेंसी की अवधि
मामले में श्रम अधीक्षक देव कुमार मिश्र ने बताया कि एजेंसी ने नियमित रिटर्न दाखिल नहीं किया है और न ही कर्मचारियों का अद्यतन ब्योरा दिया है। लिखित शिकायत मिलने पर जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर, एजेंसी कमांडो इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स का अनुबंध आज, 31 जुलाई को समाप्त हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा नई एजेंसी के चयन या आगे के दिशा-निर्देश जारी न किए जाने से 1 अगस्त से कार्य करने को लेकर स्वास्थ्य कर्मियों के बीच अनिश्चितता और असमंजस का माहौल बन गया है। अस्पताल कर्मी कुशल श्रेणी में आते हैं और राशि आवंटित की जा चुकी है। एक-दो दिनों में भुगतान पूरा होते ही वाउचर और बैंक खातों में ट्रांसफर की गई राशि का मिलान कर जांच की जाएगी। गड़बड़ी साबित होने पर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई होगी।
 

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