जामताड़ा
जामताड़ा पुलिस ने 5 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे गूगल के माध्यम से क्रेडिट और डेबिट कार्ड धारकों के मोबाइल नंबर प्राप्त करते थे. इसके बाद ग्राहकों को फोन कर कार्ड बंद होने का डर दिखाकर उन्हें झांसे में लेते थे और उनके मोबाइल में स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड करवाते थे. ऐप के जरिए बैंकिंग और कार्ड संबंधी गोपनीय जानकारी हासिल कर उनके खातों से पैसे की ठगी की जाती थी. गिरोह के कुछ सदस्य फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध कराने का काम भी करते थे. पुलिस के अनुसार इस गिरोह का नेटवर्क महाराष्ट्र, गुजरात और पश्चिम बंगाल तक फैला हुआ था.
मोबाइल फोन, फर्जी सिम कार्ड ATM, पैन, आधार कार्ड बरामद
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रिजवान अंसारी, बसीर अंसारी, सकलैन अंसारी, सफाउद्दीन अंसारी और मुजाहिद अंसारी के रूप में हुई है. सभी आरोपी करमाटांड़ थाना क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं. पुलिस के अनुसार रिजवान अंसारी का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है और वह पहले से एक मामले में आरोपित है. पुलिस ने आरोपियों के पास से पांच मोबाइल फोन, छह फर्जी सिम कार्ड, तीन एटीएम कार्ड, एक पैन कार्ड, एक आधार कार्ड और एक मोटरसाइकिल बरामद की है.
पुलिस ने सभी को भेजा जेल
एसपी शंभू कुमार सिंह ने प्रेस वार्ता में बताया कि सूचना मिलने के बाद साइबर अपराध थाना प्रभारी राजेश मंडल के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया. टीम ने 18 मई 2026 को करमाटांड़ थाना क्षेत्र के रतनडीह पहाड़िया टोला स्थित तालाब के पास और कालाझरिया पेट्रोल पंप के समीप छापेमारी कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया. इस मामले में साइबर अपराध थाना में भारतीय न्याय संहिता (BNS 2023), आईटी एक्ट और नए टेलीकॉम एक्ट के तहत दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई है. सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है. पुलिस अन्य सहयोगियों की तलाश और बैंक खातों को फ्रीज करने की कार्रवाई में जुटी हुई है.
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