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जामताड़ा : मनरेगा NMMS ऐप में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा, 24 घंटे में दोषियों की पहचान के आदेश

मनरेगा NMMS ऐप में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा, 24 घंटे में दोषियों की पहचान के आदेश

जामताड़ा
जिले में मनरेगा में पारदर्शिता लाने के लिए लागू किए गए 'नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सॉफ्टवेयर' (NMMS) ऐप में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। ग्रामीण विकास विभाग के 'डुप्लीकेट अटेंडेंस फ्रॉड डिटेक्शन डैशबोर्ड' की जांच के दौरान यह बात उजागर हुई कि एक ही मजदूर की तस्वीर का उपयोग अलग-अलग मस्टर रोल (एमआर) में हाजिरी लगाने के लिए किया गया है। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार, जिले भर में कुल 1,401 संदिग्ध तस्वीरें चिह्नित की गई हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इनमें से 376 तस्वीरों को संबंधित प्रखंड कार्यक्रम अधिकारी (PO) के लॉगिन से स्वीकार (Accept) भी कर लिया गया, जबकि 848 तस्वीरें खारिज की गईं और 177 पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। विभाग ने फर्जी तस्वीरों को स्वीकार किए जाने को बेहद गंभीर माना है।

फर्जीवाड़ा करने वाले दोषी कर्मियों की पहचानका आदेश 

मामला उजागर होते ही उप विकास आयुक्त (DDC) ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) को निर्देश जारी कर 24 घंटे के भीतर फर्जीवाड़ा करने वाले दोषी कर्मियों की पहचान करने को कहा है, ताकि उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके। साथ ही लंबित मामलों की तुरंत जांच कर उन्हें निपटाने के निर्देश दिए गए हैं। NMMS ऐप की शुरुआत ही मनरेगा में बिचौलियों और फर्जी हाजिरी को रोकने के उद्देश्य से की गई थी। ऐसे में एक ही फोटो से बार-बार हाजिरी दर्ज होना और अधिकारियों द्वारा उसे अप्रूव कर देना पूरी निगरानी प्रणाली और तकनीकी सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगा कि यह किसी तकनीकी खराबी का नतीजा था या फिर सोची-समझी अनियमितता।


 

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Tags - Jamtara MGNREGA NMMS App Fraud Fake Attendance Rural Development DDC Action