जामताड़ा
करमाटांड़ थाना क्षेत्र के चरकी गांव में बुधवार को मामला जमीन के पुराने विवाद का है, जहां गोतिया पक्ष के लोगों ने एक ही परिवार पर लाठी-डंडे और धारदार हथियारों से हमला कर दिया। इस खूनी संघर्ष में चाय लेकर खेत जा रही 61 वर्षीय सावित्री देवी की मौत हो गई, वहीं बीच-बचाव करने आए उनके पति अमृत पोद्दार और बेटा प्रदीप पोद्दार इस हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों घायलों की नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्हें इलाज के लिए धनबाद रेफर किया गया है, जहां अस्पताल में उनका उपचार जारी है। 
चाय देने जा रही थी वृद्धा, रास्ते में घेरा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह वारदात उस वक्त हुई जब सावित्री देवी घर से चाय लेकर अपने दूसरे बेटे कौशिक पोद्दार के लिए खेत की तरफ जा रही थीं। कौशिक खेत में काम कर रहा था। इसी दौरान रास्ते में गोतिया पक्ष के लोगों ने उन्हें घेर लिया। पुरानी दुश्मनी को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले तीखी नोकझोंक और गाली-गलौज शुरू हुई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि विरोधी पक्ष के लोगों ने लाठी-डंडे और धारदार हथियारों से लैस होकर पूरे परिवार पर जानलेवा हमला बोल दिया। 
अस्पताल ले जाते समय रास्ते में तोड़ा दम
हमले के दौरान अपराधियों ने सावित्री देवी पर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ वार किए, जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ीं। मां और परिवार को बचाने दौड़े पति अमृत और बेटे प्रदीप को भी हमलावरों ने बेरहमी से पीटकर लहूलुहान कर दिया। घटना के बाद चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर जुटे, जिन्हें देखकर आरोपी वहां से फरार हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से खून से लथपथ सावित्री देवी को तुरंत बेहतर इलाज के लिए धनबाद ले जाया जा रहा था, लेकिन जख्मों के ताव न सहते हुए उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
जांच में जुटी पुलिस, एक आरोपी हिरासत में
जमीन विवाद में हत्या की इस सनसनीखेज वारदात से पूरे इलाके में दहशत और तनाव का माहौल है। घटना की सूचना मिलते ही करमाटांड़ थाना पुलिस और जामताड़ा के SDPO वसीम राजा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में मुख्य आरोपियों में से एक युवक को हिरासत में ले लिया है, जिससे गुप्त स्थान पर पूछताछ की जा रही है। पुलिस के वरीय अधिकारी ने बताया कि मामला पूरी तरह से गोतिया के बीच जमीनी रंजिश से जुड़ा है। अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए बल तैनात किया गया है।