द फॉलोअप डेस्क:
जिले के नाला विधानसभा क्षेत्र के फतेहपुर (Fatehpur) प्रखंड अंतर्गत बनगढ़ी गांव में शिक्षा की एक नई अलख जग रही है। यहां के उत्क्रमित मध्य विद्यालय (Middel School), बनगढ़ी में गांव के ही शिक्षित युवाओं द्वारा शुरू की गई निशुल्क कोचिंग क्लास (Free Coaching Class) गरीब बच्चों के सपनों को उड़ान दे रही है। कभी संसाधनों के अभाव में पिछड़ने वाले ये बच्चे आज बड़े-बड़े सपने देख रहे हैं। इस अनूठी पहल की शुरुआत 'द ग्राउंड प्रोजेक्ट' नाम से युवाओं की एक टोली ने की है। इस समूह से जुड़े मोहम्मद अल्ताफ अंसारी, नैयर आजम, फहीम अख्तर, अजमत अंसारी और अरशद इकबाल जैसे युवा गांव के गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को शिक्षित कर रहे हैं। खास बात यह है कि बच्चों को पढ़ाने वाले ये युवा खुद इसी सरकारी विद्यालय से पढ़कर ग्रेजुएशन और बीएड की डिग्री हासिल कर चुके हैं।

मोती जैसी चमकदार हैंडराइटिंग और डॉक्टर से लेकर आईएएस अधिकारी बनने का सपना संजोए ये बच्चे आज फर्राटेदार अंग्रेजी में जवाब देते हैं। इनके आत्मविश्वास को देखकर कोई भी यह अनुमान नहीं लगा सकता कि ये एक सामान्य सरकारी विद्यालय के छात्र हैं। इस कोचिंग में आसपास के चार गांवों के 100 से अधिक बच्चे पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद का प्रशिक्षण भी ले रहे हैं।

यह कोचिंग स्कूल के नियमित समय के बाद संचालित होती है। विद्यालय का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक है। इसके बाद विद्यालय प्रबंधन की अनुमति से शाम 3 बजे से 6 बजे तक कक्षा एक से आठवीं तक के बच्चों को सभी विषयों की निशुल्क कोचिंग दी जाती है। सप्ताह में चार दिन बच्चों को हिंदी, अंग्रेजी और अन्य विषयों की पढ़ाई कराई जाती है, जबकि शेष दो दिन उन्हें खेलकूद का प्रशिक्षण दिया जाता है। बच्चों पर आर्थिक बोझ डाले बिना इस पहल को आगे बढ़ाया जा रहा है। कुछ बच्चे अपनी इच्छा से प्रतिदिन एक रुपये यानी महीने में 30 रुपये सहयोग राशि देते हैं। इस राशि से बच्चों के लिए किताबें, कॉपियां और खेलकूद की किट खरीदी जाती हैं।

युवाओं की यह टोली सिर्फ पढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि रविवार को आसपास के गांवों में जाकर ऐसे बच्चों की पहचान भी करती है, जिन्होंने बीच में ही पढ़ाई छोड़ दी है। इन बच्चों को चिह्नित कर सरकारी स्कूल में उनका नामांकन कराया जाता है। इसके बाद उन्हें इसी कोचिंग में निशुल्क पढ़ाया जाता है, ताकि वे अपनी पढ़ाई जारी रख सकें और बेहतर भविष्य की ओर कदम बढ़ा सकें। विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक आशीष कुमार ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह बेहद खुशी की बात है कि विद्यालय के पूर्व छात्र ही आज छोटे बच्चों को निशुल्क कोचिंग दे रहे हैं। क्षेत्र में इस तरह का यह पहला और सराहनीय प्रयास है। ग्रामीणों और शिक्षित लोगों का भरपूर सहयोग मिलने से यह अभियान लगातार सफलता की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।