जामताड़ा
आम जनता की समस्याओं और शिकायतों के त्वरित निष्पादन को लेकर उपायुक्त आलोक कुमार ने अपने कार्यालय प्रकोष्ठ में 'जनता दरबार' का आयोजन किया। इस दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए 40 से अधिक फरियादियों ने उपायुक्त के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं। उपायुक्त ने सभी मामलों को बेहद गंभीरता से सुना और मौके पर ही कई शिकायतों का ऑन-द-स्पॉट निपटारा किया। इसके साथ ही शेष आवेदनों को संबंधित अधिकारियों को अग्रसारित करते हुए एक सप्ताह के भीतर निष्पादित करने और उपायुक्त कार्यालय को सूचित करने का कड़ा निर्देश दिया।
पशुपालक की रोती हुई गुह
बिहार के भोजपुर से आए एक पशुपालक ने रोते हुए बताया कि 4 महीने पहले मिहिजाम थाना पुलिस ने दस्तावेज की कमी के कारण उसकी 13 दुधारू गायों को जब्त कर लिया था। वर्तमान में मामला अनुमंडल न्यायालय में लंबित है और गायें गौशाला में हैं, जहाँ कई बछड़ों की मौत हो चुकी है। उपायुक्त ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत एसडीओ जामताड़ा से फोन पर जानकारी ली और नियमानुसार कार्रवाई करते हुए जल्द से जल्द दुधारू पशुओं को उनके मालिक को सुपुर्द करने का निर्देश दिया।
बच्ची के जन्म प्रमाण पत्र का मामला
वर्ष 2010 में सदर अस्पताल में जन्मी एक बच्ची आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में जन्म प्रमाण पत्र के लिए कार्यालयों के चक्कर काट रही थी। उपायुक्त ने उसके आवेदन को एसडीओ को भेजकर जल्द से जल्द प्रमाण पत्र निर्गत करने की दिशा में समुचित कार्रवाई का आदेश दिया।
विधवा महिला की केसीसी ऋण माफी की आस
सड़क दुर्घटना में पति को खो चुकी और खुद भी हादसे का शिकार हुई एक बेसहारा महिला ने बच्चों की परवरिश और बैंक ऋण चुकाने में असमर्थता जताते हुए गुहार लगाई। उपायुक्त ने प्रशासनिक संवेदनशीलता दिखाते हुए जिला कृषि पदाधिकारी और एलडीएम को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
गलत वंशावली की शिकायत
फतेहपुर से आई एक महिला ने अंचल कार्यालय द्वारा गलत वंशावली बनाए जाने की शिकायत की। उपायुक्त ने संबंधित अंचल अधिकारी (CO) को जांच कर नियमानुसार सुधार करने को कहा।
अधिकारियों को सख्त निर्देश
जनता दरबार में इनके अलावा अवैध भूमि कब्जा, अंबेडकर आवास, बिजली पोल हटाने, मनरेगा भुगतान और जलमीनार जैसी कई अन्य शिकायतें भी आईं, जिन्हें संबंधित विभागों को सौंपा गया। सिविल कोर्ट से जुड़े मामलों में लोगों को सही फोरम पर अपील करने की सलाह दी गई। DC आलोक कुमार ने अधिकारियों को कड़े लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि आम जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी तरह की लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि जनता को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें और नियमसंगत कार्यों को बिना किसी अनावश्यक विलंब के पूरा किया जाए।