जामताड़ा
समाहरणालय स्थित सभागार में उपायुक्त (DC) आलोक कुमार की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षात्मक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 की विभागवार उपलब्धियों और चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में तय लक्ष्यों के अनुरूप राजस्व संग्रहण (Revenue Collection) की गहन समीक्षा की गई। उपायुक्त ने उन सभी विभागों और कार्यालयों को राजस्व वसूली में तेजी लाने का कड़ा निर्देश दिया, जिनका प्रदर्शन मासिक या वार्षिक लक्ष्य के मुकाबले कम रहा है।
विभागवार राजस्व और लंबित मामलों की बारीकी से समीक्षा
बैठक के दौरान उपायुक्त ने उत्पाद, मापतौल, खनन, परिवहन, निबंधन, मत्स्य, और भू-राजस्व सहित तमाम महत्वपूर्ण विभागों में लक्ष्य के विरुद्ध हुई वसूली का ब्योरा लिया। इसके अलावा, उन्होंने निम्नलिखित बिंदुओं पर अंचलवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समुचित दाखिल-खारिज (Mutation): सामान्य दाखिल-खारिज के लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने कहा कि अकारण किसी भी मामले को लटका कर न रखा जाए और ससमय इनका निष्पादन हो।
ई-कोर्ट व रेवेन्यू केस
अंचल, अनुमंडल, DCLR और अपर समाहर्ता स्तर पर लंबित रेवेन्यू और सर्टिफिकेट केसों का शीघ्र निस्तारण करने को कहा गया।
बैंकों की उदासीनता पर रुख: नीलाम पत्र वाद (Certificate Case) से जुड़े जिन मामलों में बैंकों द्वारा उदासीनता बरती जा रही है, उन्हें वापस कर मामले को तुरंत डिस्पोज करने का निर्देश दिया गया।
अन्य भूमि मामले: जीएम लैंड सत्यापन, सीमांकन, सैरात संग्रहण और भू-अर्जन अधिनियम के तहत अधिग्रहित भूमि के म्यूटेशन की भी समीक्षा की गई।
बालू घाटों की बंदोबस्ती और ग्राम सभा को लेकर निर्देश
अवैध खनन पर लगाम लगाने के लिए उपायुक्त ने सभी अंचल अधिकारियों (CO) को इस सप्ताह के अंत तक बालू घाटों की बंदोबस्ती से जुड़ी ग्राम सभाओं को अनिवार्य रूप से पूर्ण करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों को यह समझाया जाए कि बंदोबस्ती होने से न केवल अवैध उत्खनन रुकेगा, बल्कि इससे मिलने वाले राजस्व से संबंधित पंचायत का विकास भी होगा। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जिले में किसी भी परिस्थिति में अवैध बालू का उत्खनन और परिवहन नहीं होना चाहिए और इसके लिए सख्त मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
154 पारंपरिक ग्राम प्रधानों के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू
ग्रामीण प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से उपायुक्त ने जिले के विभिन्न अंचलों में पारंपरिक ग्राम प्रधानों के स्वीकृत पदों और रिक्तियों की समीक्षा की। उन्होंने कुल 154 रिक्त ग्राम प्रधानों के पदों को नियमानुसार शीघ्र भरने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, विभिन्न सरकारी विभागों को भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव पर बात करते हुए, उन्होंने कहा कि कोई भी प्रस्ताव भेजने से पहले संबंधित अंचल अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर भूमि का मुआयना अवश्य कर लें।