जामताड़ा
जामताड़ा समाहरणालय में मंगलवार को प्रशासनिक अधिकारी की संवेदनशील तस्वीर देखने को मिली। न्याय की आस में दर-दर भटक रहे दो भाइयों ने सीधे जिले के उपायुक्त कार्यालय का दरवाजा खटखटाया। जिले के नारायणपुर प्रखंड के सबनपुर गांव निवासी दो सगे भाई मनजीत दे और दिलीप दे अपनी समस्या लेकर जिला मुख्यालय पहुंचे थे। जैसे ही जामताड़ा के डीसी आलोक कुमार समाहरणालय के पोर्टिको में अपनी गाड़ी से उतरकर कार्यालय की ओर बढ़ रहे थे, दोनों भाइयों ने उन्हें रोक लिया। उन्होंने रोते-बिलखते गुहार लगाई, डीसी साहब, हमारी भी बात सुन लीजिए, दबंगों ने हमारी जमीन पर जबरन कब्जा कर लिया है।
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जमीन पर दबंग व्यक्ति द्वारा अवैध रूप से कब्जा
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसी आलोक कुमार तुरंत रुके और पोर्टिको में ही खड़े होकर बेहद संवेदनशीलता के साथ दोनों पीड़ितों की समस्या को सुनी। पीड़ितों ने बताया कि उनकी वैध जमाबंदी जमीन पर क्षेत्र के एक दबंग व्यक्ति द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है और वे न्याय के लिए भटक रहे हैं। उपायुक्त ने मामले को तत्परता से लेते हुए ऑन द स्पॉट कार्रवाई की। उन्होंने मौके पर मौजूद अनुमंडल अधिकारी (SDO) को निर्देश दिया कि मामले की वस्तुस्थिति की तुरंत जांच की जाए और जांच के बाद दोषी के खिलाफ सख्त विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

पीड़ित भाइयों के चेहरों पर राहत और खुशी
डीसी आलोक कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा, आमजनों की शिकायतों का निष्पक्ष और समयबद्ध निवारण करना जिला प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि आम लोगों की समस्याओं पर संवेदनशीलता दिखाते हुए त्वरित कार्रवाई कर उन्हें न्याय दिलाया जाए। उपायुक्त की इस त्वरित कार्रवाई से पीड़ित भाइयों के चेहरों पर राहत और खुशी साफ झलक रही थी। समाहरणालय परिसर में मौजूद लोगों और स्थानीय नागरिकों ने डीसी आलोक कुमार की इस संवेदनशील कार्यशैली की जमकर सराहना की।