द फॉलोअप, जामताड़ा:
Jharkhand News: नाबालिग लड़की को शादी का प्रलोभन देकर बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाने के चर्चित मामले में जामताड़ा व्यवहार न्यायालय (Jamtara Civil Court) ने बड़ा फैसला सुनाया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम अजय कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने सोमवार को मामले में अंतिम सुनवाई पूरी करते हुए मुख्य आरोपी मथान मुर्मू को दोषी करार देकर 20 वर्ष के कठोर कारावास और ₹50,000 के कुल अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायालय ने सुनवाई के बाद आरोपी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सजा सुनाई। आरोपी घटना के बाद से ही जेल में बंद है। 24 सितंबर को अदालत ने आरोपी को विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया था और सजा के बिंदु पर अंतिम बहस के लिए 28 सितंबर की तिथि निर्धारित की थी। दोनों पक्षों की दलीलों और साक्ष्यों का अनुशीलन करने के बाद अदालत ने यह कड़ा फैसला सुनाया।
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विभिन्न धाराओं के तहत कठोर कारावास और जुर्माना
न्यायालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, आरोपी मथान मुर्मू को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा-96 के तहत 10 साल के कठोर कारावास और ₹10,000 अर्थदंड की सजा दी गई है। अर्थदंड न देने पर 2 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। इसके अलावा, पोक्सो एक्ट (POCSO Act) की धारा 4 के तहत 10 साल का कठोर कारावास और ₹20,000 जुर्माना (ना देने पर 4 महीने अतिरिक्त सजा) तथा पोक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 20 साल का कठोर कारावास और ₹20,000 जुर्माना (ना देने पर 4 महीने अतिरिक्त सजा) सुनाया गया। अदालत ने निर्देश दिया है कि अर्थदंड की कुल ₹50,000 की राशि पीड़िता को दी जाएगी। इसके साथ ही न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि सभी सजाएं एक साथ (Concurrently) चलेंगी और अभियुक्त द्वारा जेल में पूर्व में बिताई गई अवधि को उसकी कुल सजा में समायोजित (Adjust) किया जाएगा।

क्या था पूरा मामला
यह मामला फतेहपुर थाना कांड संख्या 24/2025 से जुड़ा है। दर्ज प्राथमिक की के अनुसार, 24 मई 2025 को नाबालिग अपने घर से सामान लेने निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। पीड़िता के पिता ने सकुशल बरामदगी के लिए थाने में आवेदन दिया। अनुसंधान के दौरान पुलिस को पता चला कि जामताड़ा थाना क्षेत्र के दुलाडीह निवासी आरोपी मथान मुर्मू नाबालिग को शादी की नीयत से बहला-फुसलाकर महाराष्ट्र ले गया था। उसने वहां 8 दिनों तक पीड़िता को अपने साथ रखा और उसकी इच्छा के विरुद्ध जबरन शारीरिक संबंध (Physical relationship) बनाए। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपी को महाराष्ट्र से गिरफ्तार कर पीड़िता को सकुशल मुक्त कराया था। मामले मं अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 7 गवाहों का परीक्षण कराया गया, जिसके आधार पर न्यायालय ने यह फैसला सुनाया।