जमशेदपुर
जमशेदपुर के साकची थाना क्षेत्र में पुलिसकर्मी बनकर ठगी करने का एक और मामला सामने आया है। रामलीला मैदान स्थित हनुमान मंदिर के पास बदमाशों ने एक महिला को सुरक्षा का झांसा देकर करीब 7.5 लाख रुपये मूल्य की छह सोने की चूड़ियां उतरवा ली और कागज में लपेटकर देने के बहाने उनकी जगह नकली चूड़ियां थमा दी। ठगी का पता महिला को घर पहुंचने के बाद चला। मामले में रामलीला मैदान के समीप रहने वाली मैत्रेयी मजूमदार ने साकची थाना में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी है। घटना 26 अगस्त की दोपहर करीब 12.30 बजे की बतायी जा रही है। पीड़ित के अनुसार, वह बाजार जाने के लिए घर से निकली थी। रामलीला मैदान स्थित हनुमान मंदिर के पास एक व्यक्ति ने उन्हें आवाज देकर रुकवाया और कहा कि कोई उन्हें बुला रहा है।

चूड़ियां कागज में लपेटने के बाद महिला को वापस कर दी
महिला उसके पीछे गयी तो वहां पहले से दो युवक मौजूद थे। दोनों ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए सुरक्षा का हवाला दिया और महिला के हाथ में पहनी सोने की चूड़ियां उतारकर बैग में रखने को कहा। महिला आरोपियों की बातों में आ गयी और चूड़ियां उतारने लगी। इसी दौरान एक युवक ने चूड़ियों को कागज में लपेटकर सुरक्षित रखने की बात कही। आरोप है कि दोनों ने चूड़ियां कागज में लपेटने के बाद महिला को वापस कर दी। महिला ने कागज को अपने बैग में रख लिया और बाजार चली गयी। घर पहुंचने पर जब उन्होंने कागज खोला तो उसमें असली चूड़ियों की जगह नकली चूड़ियां मिली। इसके बाद उन्हें ठगी का पता चला। पीड़िता के अनुसार, छह चूड़ियों का कुल वजन करीब 50 ग्राम था और उनकी अनुमानित कीमत लगभग 7.5 लाख रुपये है। शिकायत में महिला ने दोनों आरोपियों का हुलिया भी पुलिस को बताया है।
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पुलिसकर्मी बनकर जेवर उतरवाने की यह घटना पहली नहीं
दोनों की लंबाई करीब पांच फीट दस इंच, रंग गोरा और चेहरा क्लीन शेव बताया गया है। घटना के समय दोनों सफेद शर्ट, ब्राउन पैंट और ग्रे रंग की कैप पहने हुए थे। शिकायत के बाद पुलिस आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच कर रही है। घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालकर संदिग्धों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। जमशेदपुर में पुलिसकर्मी बनकर जेवर उतरवाने की यह घटना पहली नहीं है। इससे पहले भी शहर में इसी तरह पुलिसकर्मी बनकर लोगों को रोकने और सुरक्षा का हवाला देकर जेवर उतरवाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसे में ताजा घटना ने पुलिस के सामने इस तरह की ठगी करने वाले अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई और पुराने मामलों के पैटर्न की पड़ताल का सवाल खड़ा कर दिया है। हालांकि, ताजा घटना और पूर्व की घटनाओं के पीछे एक ही गिरोह है या अलग-अलग अपराधी, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।