जमशेदपुर
जमशेदपुर समेत पूरे कोल्हान में पिछले दो दिनों से पेट्रोल-डीजल को लेकर असामान्य स्थिति बनी हुई है। हालांकि आपूर्ति सामान्य बतायी जा रही है, लेकिन अफवाहों और अचानक बढ़ी मांग के कारण शहर से लेकर सरायकेला और चाईबासा तक सभी पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ उमड़ रही है। बताया जा रहा है कि यह वास्तविक किल्लत नहीं, बल्कि अफवाहों और अचानक बढ़ी मांग का परिणाम है। बुधवार से शुरू हुई यह स्थिति गुरुवार को भी बरकरार रही, जहां शहर से लेकर कोल्हान के तकरीबन सभी पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें और अव्यवस्था देखने को मिली। दरअसल, बुधवार सुबह से ही शहर के पेट्रोल पंपों पर लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गयी थी। दिन बढ़ने के साथ स्थिति और बिगड़ती गयी। यहां देर रात तक पंपों पर लंबी कतारें लगी रहीं। दबाव इतना बढ़ा कि कई पंपों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा। अचानक बढ़ी मांग का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बुधवार को शहर में करीब 3 लाख लीटर पेट्रोल-डीजल की बिक्री हुई, जो सामान्य दिनों की तुलना में लगभग दोगुनी है। 
एसोसिएशन ने कहा- कमी नहीं, पैनिक की स्थिति
पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि शहर में ईंधन की कोई कमी नहीं है। पेट्रोल और डीजल की सप्लाई लगातार हो रही है। लेकिन अफवाहों के कारण लोग एक-दो दिन नहीं, बल्कि कई दिनों या महीने भर का ईंधन एक साथ भरवा रहे हैं, जिससे पंपों पर अचानक दबाव बढ़ गया। ईंधन की किल्लत और कीमत बढ़ने की आशंका को लेकर फैली अफवाहों ने स्थिति को और बिगाड़ दिया। बड़ी संख्या में लोग टंकी फुल कराने के लिए पंपों पर पहुंचने लगे। इसी ‘पैनिक बाइंग’ ने हालात को असामान्य बना दिया।
कई पंपों पर ‘नो स्टॉक’, कुछ को करना पड़ा बंद
साकची, बिष्टुपुर, गोलमुरी, टेल्को, मानगो, कदमा, सिदगोड़ा, और जुगसलाई समेत अधिकांश इलाकों में पंपों के बाहर आधा किलोमीटर तक लंबी कतारें लगीं। कई जगह कतारें मुख्य सड़क तक पहुंच गईं, जिससे जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई। भारी बिक्री के कारण कई पंपों का स्टॉक अस्थायी रूप से खत्म हो गया। कई जगह ‘नो स्टॉक’ का बोर्ड लगा दिया गया। वहीं, भीड़ और अव्यवस्था के कारण कुछ पंपों को सुरक्षा कारणों से बंद करना पड़ा। बुधवार रात कई पंपों पर पेट्रोल-डीजल के टैंकर पहुंचे, लेकिन पहले से मौजूद भारी भीड़ के कारण कई जगह टैंकर खाली नहीं कराए जा सके। सुरक्षा के इंतजाम नहीं होने पर पंपों को बंद करना पड़ा, जिससे लोगों में और नाराजगी बढ़ी।
सीमित मात्रा में ईंधन देने का फैसला
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कुछ पंपों ने अस्थायी रूप से ईंधन की सीमा तय कर दी। दोपहिया में 200 रुपये तक और चारपहिया में 1000 रुपये तक ईंधन देने का निर्देश लागू किया गया। गुरुवार को भी शहर के कई पंपों पर सुबह से भारी भीड़ देखी गई। खुले पंपों पर लंबी कतारें लगी रहीं, जबकि बंद पंपों के बाहर भी लोग खुलने का इंतजार करते नजर आए। कई जगहों पर लाइन सड़क तक पहुंचने से ट्रैफिक प्रभावित हुआ।
एक हफ्ते से रुक-रुक कर सप्लाई, बढ़ा दबाव
पंप मालिकों के अनुसार, पिछले एक सप्ताह से पेट्रोल-डीजल की सप्लाई रुक-रुक कर हो रही थी। इसी बीच अफवाहें फैलने से लोगों ने एक साथ ईंधन भरवाना शुरू कर दिया, जिससे स्थिति और बिगड़ गयी। पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने प्रशासन से पंपों पर पुलिस बल की तैनाती की मांग की है। उनका कहना है कि भीड़ को नियंत्रित करने और किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए सुरक्षा जरूरी है। कुछ पंपों ने साफ किया है कि सुरक्षा मिलने के बाद ही संचालन पूरी तरह सामान्य होगा।