जमशेदपुर
जमशेदपुर के बर्मामाइंस थाना क्षेत्र के कैरेज कॉलोनी स्थित सेवा आश्रम से अपहृत तीन वर्षीय मासूम आर्यन महानंद को पुलिस ने महज छह घंटे के भीतर पश्चिम बंगाल के खड़गपुर से सकुशल बरामद कर लिया। बच्चे को खड़गपुर स्टेशन के समीप से पश्चिम बंगाल पुलिस के सहयोग से बरामद किया गया। मामले में कैरेज कॉलोनी के मुस्लिम बस्ती निवासी 42 वर्षीय असलम खान को गिरफ्तार किया गया है। जिसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। शनिवार को सिटी डीएसपी संजीव कुमार ने पूरे मामले का खुलासा किया। पुलिस के अनुसार, 4 सितंबर को दिन के करीब तीन बजे समीर महानंद के तीन वर्षीय पुत्र आर्यन महानंद का अपहरण कर लिया गया था। घटना के संबंध में कंती महानंद की शिकायत पर बर्मामाइंस थाना में मामला दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर नगर पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गयी।

सीसीटीवी जांच में बच्चे को अपने साथ ले जाते दिखा
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर बच्चे और आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस की सीसीटीवी जांच में असलम खान बच्चे को अपने साथ ले जाते दिखा। जांच के दौरान आरोपी के पश्चिम बंगाल की ओर जाने की जानकारी मिली। इसके बाद जमशेदपुर पुलिस की टीम ने उसका पीछा करते हुए पश्चिम बंगाल तक पहुंच बनाई। पश्चिम बंगाल पुलिस के सहयोग से खड़गपुर स्टेशन के समीप से आर्यन को सकुशल बरामद कर लिया गया और आरोपी असलम खान को गिरफ्तार कर लिया गया।
मुंबई ले जाकर बेचने की फिराक में था आरोपी
सिटी डीएसपी ने बताया कि पूछताछ में आरोपी असलम खान ने बच्चे को मुंबई ले जाने की बात स्वीकार की है। पुलिस के अनुसार, आरोपी की योजना बच्चे से भीख मंगवाने की थी और वह उसे मुंबई ले जाकर बेचने की फिराक में था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस साजिश में आरोपी के साथ गिरोह का कोई अन्य सदस्य भी शामिल था या नहीं। पुलिस के मुताबिक, असलम खान को बस्ती में अक्सर बच्चों के साथ देखा जाता था। वह बच्चों को चॉकलेट और बिस्किट दिया करता था। पुलिस की पूछताछ के दौरान असलम खान ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, असलम खान के खिलाफ पूर्व में गोलमुरी थाना में भी शिकायत दर्ज है।

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