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खरकई और स्वर्णरेखा का जलस्तर तेजी से बढ़ा रहा, गंजिया बैराज के सभी 15 गेट खोले गए

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द फॉलोअप डेस्क:
झारखंड में लगातार बारिश के बीच पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां से होकर गुजरने वाली नदियों ने एक बार फिर रौद्र रूप धारण कर लिया है। मंगलवार दोपहर 2 बजे के ताजा आंकड़ों के अनुसार, खरकई नदी खतरे के निशान से 4.10 मीटर ऊपर बह रही है, जबकि स्वर्णरेखा भी 1.10 मीटर ऊपर डेंजर लेवल पर पहुंच गई है। यानी अब दोनों नदियां अपने लाल निशान को पार कर चुकी हैं। दोनों नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ने के ट्रेंड (राइजिंग फ्लो) में है। खरकई का जलस्तर आदित्यपुर पुल के पास 133.10 मीटर पहुंच गया है, जबकि डेंजर लेवल 129 मीटर है। वहीं, स्वर्णरेखा का जलस्तर मानगो पुल के पास 122.60 मीटर दर्ज किया गया है, जो खतरे के निशान 121.50 मीटर से 1.10 मीटर ऊपर है। तेजी से बढ़ते जलस्तर ने जमशेदपुर के तटीय और निचले इलाकों में एक बार फिर बाढ़ का खतरा बढ़ा दिया है।

सुबह से दोपहर तक तेजी से बढ़ा जलस्तर
मंगलवार सुबह 6 बजे खरकई का जलस्तर 131.070 मीटर था और वह खतरे के निशान से 2.07 मीटर ऊपर बह रही थी। दोपहर 2 बजे तक यह बढ़कर 133.10 मीटर हो गया। यानी महज आठ घंटे में करीब 2.03 मीटर की बढ़ोतरी हुई। इसी दौरान स्वर्णरेखा भी खतरे के निशान के नीचे से ऊपर पहुंच गई। सुबह इसका जलस्तर 121.340 मीटर था, जो दोपहर में बढ़कर 122.60 मीटर हो गया। ऐसे में नदियों के लगातार बढ़ते जलस्तर से जमशेदपुर के बागबेड़ा, जुगसलाई, कदमा, मानगो समेत सरायकेला जिले के कपाली क्षेत्र के कई घरों और निचले इलाकों में पानी घुस गया है। इन स्थानों पर अब बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। इसे देखते हुए प्रशासन की ओर से तटीय इलाकों में लगातार माइकिंग कर सतर्कता बरती जा रही है और लोगों से नदी तथा डूब क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की गई है।

गंजिया के सभी 15 गेट खुले, 4502.62 क्यूमेक्स पानी डिस्चार्ज
नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच जलाशयों और बैराजों से भी भारी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। गंजिया बैराज के सभी 15 गेट पूरी तरह खोल दिए गए हैं। खरकई से जुड़े जलस्रोतों में भी गेट खोले गए हैं। बैंकाबाल डैम के दो और खरकई डैम के दो गेट खुले हैं। खरकई के आरएल-138 स्ट्रक्चर के 15 गेट पूरी तरह खुले हैं और यहां से 4502.62 क्यूमेक्स पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। ऐसे में लगातार बारिश के साथ भारी जल प्रवाह दोनों नदियों के जलस्तर को और प्रभावित कर सकता है। बढ़ते जलस्तर के बीच जमशेदपुर के मानगो आजादनगर स्थित जाबिर पुल के पास तेज बहाव में एक युवक के बह जाने की घटना भी सामने आई। हालांकि, आसपास के लोगों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर रस्सी के सहारे युवक को बाहर निकाल लिया। घटना के बाद नदी के तेज बहाव को लेकर लोगों में चिंता बढ़ गई है।

प्रशासन अलर्ट, निचले इलाकों पर नजर
नदियों के बढ़ते जलस्तर के मद्देनजर पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां दोनों जिलों के बाढ़ नियंत्रण कक्ष और जिला प्रशासन की ओर से नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। मौजूदा स्थिति में सबसे बड़ी चिंता यह है कि दोनों नदियां खतरे के निशान से ऊपर होने के साथ लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। प्रशासन ने लोगों से नदी घाटों, डूब क्षेत्रों और तेज बहाव वाले स्थानों पर नहीं जाने, बच्चों को ऐसे स्थानों से दूर रखने तथा जरूरत पड़ने पर सुरक्षित और ऊंचे स्थानों या चिन्हित आश्रय स्थलों में जाने की अपील की है।

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