जमशेदपुर
जमशेदपुर के कदमा स्थित विजया हेरिटेज निवासी कारोबारी निखार सबलोक की 24 अगस्त को दिनदहाड़े हुई हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। जमशेदपुर और सरायकेला-खरसावां पुलिस की संयुक्त एसआईटी ने जब्त मोबाइल के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच के बाद कई अहम सुराग जुटाए हैं। पुलिस का दावा है कि अगले एक से दो दिनों में पूरे हत्याकांड का आधिकारिक खुलासा किया जा सकता है। 
गोली मारने के बाद एनएच पर की हवाई फायरिंग, लाल कार से भागे शूटर
एसआईटी की जांच में सामने आया है कि निखार सबलोक को गोली मारने के बाद शूटरों ने भागते समय राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) पर भी दो राउंड हवाई फायरिंग की थी। इसके बाद वे सड़क की दूसरी ओर खड़ी लाल रंग की कार से रांची की ओर फरार हो गए। जांच के मुताबिक, रांची पहुंचने के बाद शूटरों ने कार को एक सुनसान जगह पर छोड़ दिया और दूसरे वाहन से बिहार की ओर भागे होने की आशंका है।
बिहार और पश्चिम बंगाल में शूटरों की तलाश, लाल कार रांची से बरामद
शूटरों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस बिहार और पश्चिम बंगाल में कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। हत्या में इस्तेमाल की गई लाल रंग की कार को रांची से बरामद कर चांडिल पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। वहीं, जांच के दौरान सोनारी के अपराधी रविदास और दारा को रेकी के संदेह में हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी। हालांकि, दोनों के खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिलने पर पुलिस ने शुक्रवार को उन्हें छोड़ दिया।.jpeg)
घटनास्थल के आसपास मौजूद था मानगो का अपराधी सिंटू सिंह
जांच के दौरान एसआईटी को पता चला है कि मानगो का अपराधी सिंटू सिंह कथित तौर पर इस पूरी साजिश से वाकिफ था और वारदात के समय घटनास्थल के आसपास मौजूद था। फिलहाल पुलिस सिंटू सिंह और लाल रंग की कार के मालिक की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। पुलिस निखार सबलोक की सुपारी देकर हत्या कराए जाने के एंगल से भी जांच कर रही है। हत्याकांड के पीछे किसकी साजिश थी और शूटरों को किसने सुपारी दी, इसकी कड़ियां जोड़ने में एसआईटी जुटी हुई है।
24 अगस्त को होटल में हुई थी कारोबारी की हत्या
24 अगस्त की दोपहर टेंथ माइल स्टोन होटल में निखार सबलोक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज समेत अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच शुरू की थी। अब CDR और अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस हत्याकांड के आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।.jpeg)
विक्रम शर्मा के करीबी से लगातार चौथे दिन पूछताछ
इधर, पुलिस विक्रम शर्मा के एक करीबी सहयोगी से चांडिल थाने में लगातार चौथे दिन भी पूछताछ कर रही है। हालांकि, अब तक हत्याकांड में उसकी सीधी संलिप्तता के पुख्ता साक्ष्य सामने नहीं आए हैं। जांच में पुलिस को विक्रम शर्मा के इस करीबी के दुमका जेल में बंद गैंगस्टर अखिलेश सिंह के साथ लगातार संपर्क में रहने और बातचीत की कुछ कॉल रिकॉर्डिंग भी मिली है। इन्हीं रिकॉर्डिंग और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस जांच को आगे बढ़ा रही है।