द फॉलोअप डेस्क
पूर्वी सिंहभूम जिले के पटमदा प्रखंड से स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करने वाला मामला सामने आया है। पटमदा के जोड़सा गांव निवासी 65 वर्षीय संतोष कुंभकार की अस्पताल ले जाने के दौरान मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि 108 एंबुलेंस में ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं थी और रास्ते में एंबुलेंस का टायर भी फट गया, जिससे मरीज को समय पर इलाज नहीं मिल सका। घटना के बाद परिजनों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जमकर हंगामा किया।

ऑक्सीजन नहीं मिलने का आरोप
परिजनों के अनुसार, शनिवार दोपहर संतोष कुंभकार की तबीयत अचानक बिगड़ गई। सीने में दर्द और सांस लेने में तकलीफ होने पर 108 एंबुलेंस बुलाई गई। आरोप है कि एंबुलेंस में जीवन रक्षक ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं थी। मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे एमजीएम अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में एंबुलेंस का टायर फट जाने से काफी देर हो गई। इसी दौरान मरीज ने दम तोड़ दिया।

बेटे ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल
मृतक के बेटे दिलीप कुंभकार ने आरोप लगाया कि यदि एंबुलेंस में ऑक्सीजन उपलब्ध होती और रास्ते में वाहन खराब नहीं होता, तो उनके पिता की जान बच सकती थी। उनका कहना है कि गंभीर मरीजों के लिए 108 एंबुलेंस जीवनरक्षक सेवा मानी जाती है, लेकिन आवश्यक सुविधाओं के अभाव ने उनके परिवार से एक सदस्य छीन लिया।

जिले की एंबुलेंस व्यवस्था पर भी सवाल
रिपोर्ट के अनुसार, पूर्वी सिंहभूम जिले में कुल 25 एंबुलेंस हैं, जिनमें से खराबी के कारण 11 एंबुलेंस लंबे समय से बंद बताई जा रही हैं। वहीं केवल 14 एंबुलेंस ही पूरी तरह संचालित हैं। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही के आरोप लगे हैं। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मामले की रिपोर्ट मांगी गई है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।