देवघर:
देवघर हादसे को लेकर अब जामताड़ा विधायक डॉ. इरफान अंसारी की प्रतिक्रिया सामने आई है। डॉ. अंसारी ने हादसे में मारे गए लोगों के परिवारों के लिए 20-20 लाख रुपये मुआवजा और एक सरकारी नौकरी की मांग की है। इरफान अंसारी ने सरकार से मांग की है कि घायलों को भी 10-10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। साथ ही विधायक ने कहा कि घटना पर राजनीति नहीं करनी चाहिए।

विपक्ष को राजनीति नहीं करनी चाहिए
डॉ. अंसारी ने कहा कि घटना दुखद है। इसमें विपक्ष को राजनीति नहीं करनी चाहिए। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी की पहल पर रेस्क्यू समय पर हुआ और लोगो को सुरक्षित बचाया गया।
विधायक इरफान अंसारी ने कहा कि इस क्षेत्र के सांसद निशिकांत दुबे ही मनहूस हैं। इनकी मंहूसियत का असर भोले भाले लोगों पर पड रहा है। यह रोपवे तत्कालीन रघुबर सरकार में जल्दी बाजी में लगाया गया था। सूत्रों पर भरोसा करें तो सांसद निशिकांत दुबे और तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुबर दास ने ठेकेदार के साथ मिलीभगत कर कमजोर और घटिया रोपवे तैयार करवाया।
हेमंत सोरेन से घटना की जांच की मांग
विधायक इरफान अंसारी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस घटना की जांच की मांग की साथ ही यह भी कहा की मैनहार्ट घोटाला की तरह इस रोपवे निर्माण में भी लेन देन की बू आ रही है। विधायक ने मांग की कि निर्माण कार्य की जांच किसी अवकाश प्राप्त न्यायाधीश के नेतृत्व में करवाया जाए, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी अलग हो जाय।