द फॉलोअप डेस्क
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सह नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आज शराब घोटाले की चल रही एसीबी जांच के बीच मुख्यमंत्री पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि राज्य में हुए शराब घोटाले में आईएएस अधिकारी विनय चौबे के साथ मुख्यमंत्री भी शामिल हैं। कहा कि शराब घोटाले में एसीबी जांच चल रही है। इस मामले में तत्कालीन उत्पाद सचिव विनय चौबे जेल में बंद हैं। एसीबी जांच में उत्पाद आयुक्तों अमित कुमार, कर्ण सत्यार्थी,फैज अहमद से हो रही पूछताछ में लगभग एक जैसे बयान मीडिया में छप रहे हैं। अमित कुमार ने कहा कि जो विनय चौबे ने चाहा वही हुआ, कर्ण सत्यार्थी ने कहा है कि विनय चौबे ने मामले में केस दर्ज करने से मना किया था। ऐसे बयान कोई सामान्य नहीं बल्कि बड़े और गंभीर भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि एसीबी के द्वारा जिस तरह से पूछताछ की जा रही है, वह बड़े लोगों को बचाने की सुनियोजित साजिश है। मरांडी आज पार्टी कार्यालय में मीडियाकर्मियों से बातचीत कर रहे थे।
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बाबूलाल मरांडी ने कहा कि जिनके बयान की चर्चा हुई वे सभी आईएएस अधिकारी हैं। इनको यदि सचिव दबाव डालकर नियम विरुद्ध काम करा रहे थे, वे फाइल में नोटिंग करते,मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री से मिलकर शिकायत करते कि गलत हो रहा है। उनपर अनुचित दबाव डाला जा रहा है। शराब के ठेके में चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए कहा जा रहा है। यह स्वाभाविक सवाल है और जांच का नया विषय भी। इसकी भी जांच होनी चाहिए कि इन लोगों ने फाइल में अनुचित दबाव का नोटिंग क्यों नहीं किया, सीएस,सीएम से मिलकर क्यों शिकायत नहीं की? और अगर किया तो फिर क्या उत्तर मिला? लेकिन इन अधिकारियों के बयान से यही झलक रहा कि ये रटे रटाए तोते की तरह बोल रहे। इन लोगों को अदालत में भी ऐसा ही बोलने का निर्देश है। क्योंकि बड़े लोगों को बचाना है।

मरांडी ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री को संभावित शराब घोटाले को लेकर वर्ष 2022 में ही पत्र लिखकर आगाह किया था। लेकिन सीएम ने कोई कार्रवाई नहीं की। इससे स्पष्ट है कि विनय चौबे के साथ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी घोटाले में शामिल हैं। और सीएम को बचाने की कवायद सरकारी ऑफिसर कर रहे। एसीबी वाले जांच की नौटंकी कर रहे। एसीबी डीजीपी पर खुद भ्रष्टाचार के आरोप हैं। फिर इनसे ईमानदारी की उम्मीद कैसे की जा सकती है। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री खुद पाक साफ हैं तो पूरे मामले को सीबीआई को सौंप दें।
