द फॉलोअप डेस्क
छिटपुट हिंसा, मारपीट और नोंक-झोंक के बीच राज्य में सोमवार को नगर निकायों का मतदान समाप्त हो गया। इस मतदान में एक बार फिर शहरी क्षेत्र के मतदाताओं का उत्साह कम रहा। पिछली बार की तुलना में सभी नौ नगर निगमों में मतदाता अपने मताधिकार का कम प्रयोग किया। राजधानी रांची के मतदाता भी वोट डालने कम निकले। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा आज देर शाम जारी किए गए आंकड़े के अनुसार 2018 की तुलना में रांची नगर निगम में छह फीसदी कम मत पड़े। धनबाद में लगभग दो फीसदी, देवघर में भी लगभग छह फीसदी, मेदिनीनगर में लगभगग तीन फीसदी, चास में चार, गिरिडीहह में दो, हजारीबाग में 9 और आदित्यपुर में लगभग सात फीसदी कम मत पड़े। मानगो नगर निगम में पहली बार चुनाव हुआ है, जहां 50 फीसदी मत डाले गए हैं। हालांकि मतदान का अंतिम आंकड़ा आने पर कुछ मतों में वृद्धि की संभावना है। लेकिन आयोग के अधिकृत सूत्रों का कहना है कि वह बहुत अधिक नहीं होगा। मुश्किल से 0.1 से 0.2 फीसदी मतदान ही बढ़ सकता है। यहां ध्यान रहे कि 2015 में चास, धनबाद और देवघर नगर निगम का चुनाव हुआ था। इसका चुनाव 2020 से लंबित था।
नगर निगम 2013/2015 2018 2026 (मतदान प्रतिशत में)
रांची 34.13 49.30 43.28
धनबाद 50.80 48.00
देवघर 58.41 52.92
मेदिनीनगर 58.50 60.00 57.41
चास 53.00 49.76
गिरिडीह 55.58 62.58 60.00
हजारीबाग 50.12 58.60 49.95
आदित्यपुर 60.41 61.80 54.96
मानगो (पहली बार हो रहा चुनाव) 50.70
राज्य के सभी 48 नगर निकायों में मतदान का प्रतिशत
