द फॉलोअप डेस्क, रांची
Governor News Jharkhand: राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने बच्चों से अपने जीवन संघर्ष को साझा किया। राज्यपाल ने बताया कि वे भी एक अत्यंत सामान्य पृष्ठभूमि से आते हैं और उनका जीवन अनेक संघर्षों एवं चुनौतियों के बीच बीता है। उन्होंने भावुक होकर बताया कि जब वे मात्र एक वर्ष के थे, तभी उनके सिर से पिता का साया उठ गया था। उनकी माता ने कठिन परिस्थितियों में उनका पालन-पोषण किया और उन्हें शिक्षा दिलाई। उन्होंने बच्चों से कहा कि वे सौभाग्यशाली हैं कि उन्हें अच्छे विद्यालय में पढ़ने का अवसर मिल रहा है और समाज के लोग शिक्षा के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियां व्यक्ति की प्रगति में बाधा नहीं बन सकतीं, यदि उसमें आगे बढ़ने का दृढ़ संकल्प और परिश्रम करने का जज्बा हो।

राज्यपाल ने बच्चों से अच्छे नागरिक बनने का आह्वान करते हुए कहा कि पढ़ाई के दौरान किसी विषय को लेकर संशय हो तो अपने शिक्षकों एवं सहपाठियों से पूछकर उसे समझें। जिज्ञासा और सीखने की इच्छा ही ज्ञान को मजबूत बनाती है। उन्होंने कहा कि देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु जी का जीवन-संघर्ष भी इस बात का प्रेरक उदाहरण है कि सामान्य पृष्ठभूमि से आने वाला व्यक्ति अपनी प्रतिभा, परिश्रम और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर जीवन में ऊँचा मुकाम हासिल कर सकता है। उन्होंने बच्चों से अपने सपनों को सीमित न रखने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

इस अवसर पर राज्यपाल ने बच्चों को लोक भवन, रांची के उद्यान का उल्लेख करते हुए मौजूद कल्पतरु, रुद्राक्ष एवं सिंदूर सहित अन्य विशिष्ट पौधों के बारे में जानकारी दी। बच्चों ने लोक भवन उद्यान का भ्रमण भी किया। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने आज लोक भवन में गंगा प्रसाद बुधिया सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, मोरहाबादी (राष्ट्र संवर्धन समिति के छात्रावास) के छात्रों एवं शिव नारायण मारवाड़ी कन्या मध्य विद्यालय, रांची की छात्राओं के साथ संवाद करते हुए उन्हें मन लगाकर पढ़ने, निरंतर परिश्रम करने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
