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पति 2 घंटे तक गुहार लगाता रहा, अस्पताल ने खून नहीं दिया; महिला की सांस टूट गई

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गिरिडीह
गिरिडीह सदर अस्पताल में इलाज में लापरवाही की वजह से मौत का मामला सामने आया है. आरोप है कि ब्लड बैंक द्वारा बरती गई देरी की वजह से मुफ्फसिल थाना क्षेत्र अंतर्गत महेशपुर फुलची निवासी 50 वर्षीय मीना देवी की मौत हो गई. परिजनों का आरोप है कि स्थिति गंभीर होने के बावजूद ब्लड मैचिंग और प्रोसेसिंग के नाम पर 2 घंटे की देरी की गई, जिसकी वजह से मरीज ने दम तोड़ दिया. सिविल सर्जन डॉ. बच्चा सिंह ने कहा कि प्रारंभिक जांच में लैब टेक्नीशियन की गलती सामने आई है और उसे तत्काल प्रभाव से सेवामुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इलाज में लापरवाही से मीना देवी की मौत से परिजनों में शोक और आक्रोश का मिश्रित भाव है.

ब्लड देने में हुई 2 घंटे की देरी
मृतका मीना देवी के पति धीरेन राय ने बताया कि उनकी पत्नी बीते कुछ दिनों से बीमार थी. खून की कमी की वजह से गुरुवार को उन्होंने अपनी पत्नी को सदर अस्पताल में भर्ती कराया. परिजनों ने खुद रक्तदान किया और ब्लड बैंक में इसे जमा कराया. धीरेन राय का कहना है कि शुक्रवार को सुबह जब वह ब्लड लेने पहुंचे तो उनसे मरीज का सैंपल मांगा गया. सैंपल देने के बाद ब्लड मैचिंग और प्रोसेसिंग के नाम पर करीब 2 घंटे तक इंतजार कराया गया. धीरेन राय का कहना है कि उन्होंने पत्नी की गंभीर हालत का हवाला दिया. यहां तक कहा कि उसकी सांस उखड़ रही है लेकिन, ब्लड बैंक में उनसे कहा गया कि प्रोसेसिंग के बिना कैसे खून देंगे.  

सिविल सर्जन माना ब्लड मैचिंग में हुई देरी
इस दर्दनाक घटना के बाद अस्पताल परिसर में हंगामा मच गया. सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी. जब मामले की जानकारी सिविल सर्जन डॉ. बच्चा सिंह को हुई तो उन्होंने ब्लड बैंक इंचार्ज को तलब किया. प्रारंभिक जांच में लैब टेक्नीशियन की लापरवाही सामने आई है. सिविल सर्जन डॉ. बच्चा सिंह ने माना कि ब्लड मैचिंग की प्रक्रिया में करीब 2 घंटे की देरी हुई, जिसकी वजह से मरीज को समय पर खून उपलब्ध नहीं कराया जा सका. संबंधित लैब टेक्नीशियन की सेवा तत्काल प्रभाव से खत्म करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. सिविल सर्जन ने कहा कि पूरे मामले की विस्तृत जांच होगी ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृति ना हो. 
15 मई को हजारीबाग में ऑक्सीजन नहीं देने से हुई थी महिला की मौत
बीते 15 मई को हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ऐसा ही मामला सामने आया था, जहां थैलेसीमिया पीड़ित सरिता देवी की ऑक्सीजन नहीं मिलने से मौत हो गई. परिजनों का आरोप था कि महिला को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी, और कई बार गुहार लगाने के बावजूद उसे ऑक्सीजन नहीं दिया गया. ऑक्सीजन के अभाव में सरिता ने तड़पते हुए दम तोड़ दिया.

 

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