हजारीबाग
सड़क पर अगर सैकड़ों पहियों वाला कोई महाकाय ट्रक दिखाई दे, तो लोगों का रुककर उसे देखना लाजिमी है। इन दिनों हजारीबाग की सड़कों पर ऐसा ही नजारा देखने को मिल रहा है। करीब 200 से 300 टन वजनी औद्योगिक मशीनरी को लेकर चल रहा विशालकाय मल्टी-एक्सल ट्रक अब हजारीबाग के नगवां टोल प्लाजा तक पहुंच चुका है। सोशल मीडिया पर इसे कहीं 240 चक्कों वाला ट्रक बताया जा रहा है, लेकिन मौके पर मौजूद ट्रांसपोर्ट टीम से जुड़ी जानकारी के मुताबिक इस विशाल ट्रांसपोर्ट सिस्टम में करीब 308 टायर लगाए गए हैं। आकार इतना बड़ा है कि इसे देखने के लिए सड़क किनारे लोगों की भीड़ जुट रही है और लोग मोबाइल में इसका वीडियो कैद कर रहे हैं। लेकिन इस ‘बाहुबली ट्रक’ की कहानी सिर्फ इसके आकार तक सीमित नहीं है। ट्रक पर लदी मशीन गन्ने से चीनी और इथेनॉल बनाने वाली फैक्ट्री में इस्तेमाल होने वाली भारी औद्योगिक मशीनरी का हिस्सा है, जिसे ओडिशा के पारादीप पोर्ट के रास्ते आयात किया गया है।
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नगवां टोल प्लाजा पार करना चुनौती
बंदरगाह से इस भारी मशीन को उत्तर प्रदेश स्थित एक बड़ी चीनी एवं इथेनॉल फैक्ट्री तक पहुंचाया जा रहा है। इतने भारी और लंबे ट्रक को सड़क पर आगे बढ़ाना किसी चुनौती से कम नहीं है। रास्ते में बिजली के तारों की ऊंचाई, पुलों की क्षमता, रेलवे ओवरब्रिज, सड़क की चौड़ाई, मोड़ और टोल प्लाजा और हर जगह पहले से जांच कर इसके अनुसार तैयारी करनी पड़ रही है। अब हजारीबाग के नगवां टोल प्लाजा पर भी यही चुनौती सामने है। बताया जा रहा है कि इतने बड़े ट्रक को सामान्य टोल लेन से निकालने के बजाय साइड से सुरक्षित तरीके से पार कराने की तैयारी की जा रही है, ताकि टोल प्लाजा के स्ट्रक्चर को किसी तरह का नुकसान न हो। इसके लिए रात में जरूरी तैयारियां की जाएंगी। ट्रांसपोर्ट के साथ चल रही तकनीकी टीम भी आवश्यक व्यवस्था के बाद अगले दिन महाट्रक को टोल से पार कराने की तैयारी में है। इस महाट्रक की रफ्तार भी इसे खास बनाती है।

अपने आप में किसी अजूबे से कम नहीं
कई बार कुछ किलोमीटर का सफर तय करने में ही पूरा दिन लग जाता है। जहां रास्ते में कोई पुल, तार या संकरा मोड़ आता है, वहां पहले स्थिति का आकलन किया जाता है और उसके बाद ही ट्रेलर को आगे बढ़ाया जाता है। नगवां टोल पार करने के बाद यह महाट्रक बरही और चौपारण की ओर बढ़ेगा। इसके बाद बिहार में प्रवेश करते हुए गया, औरंगाबाद और मोहनिया के रास्ते उत्तर प्रदेश पहुंचने की संभावना है। करीब 300 टन की मशीनरी और सैकड़ों पहियों वाले इस विशाल ट्रक को सड़क पर देखना अपने आप में किसी अजूबे से कम नहीं है। यही वजह है कि जहां-जहां से यह गुजर रहा है, वहां लोगों की निगाहें इसी पर टिक जा रही हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है नगवां टोल की चुनौती पार करने के बाद 308 पहियों वाला यह ‘बाहुबली’ उत्तर प्रदेश की चीनी-इथेनॉल फैक्ट्री तक कब पहुंचेगा।