हजारीबाग
हजारीबाग सदर के भाजपा विधायक प्रदीप प्रसाद के आवास और कार्यालय के बाहर अज्ञात लोगों द्वारा कथित तौर पर हाईटेक कैमरा लगाए जाने का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। घटना के तीन दिन से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पुलिस द्वारा मामले का उद्भेदन नहीं किए जाने पर शनिवार को हजारीबाग लोकसभा सांसद मनीष जायसवाल ने प्रेस वार्ता कर जिला प्रशासन और राज्य सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए। सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि इतनी महत्वपूर्ण घटना के बावजूद अब तक पुलिस यह स्पष्ट नहीं कर पाई है कि विधायक के आवास और कार्यालय के बाहर कैमरा किसने और किस उद्देश्य से लगाया था। उन्होंने कहा कि यदि सरकार की मंशा साफ और स्पष्ट होती तो तीन दिन से अधिक समय बीतने के बाद अब तक मामले का उद्भेदन हो जाना चाहिए था।

विपक्ष के विधायक की जासूसी का आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि कहीं ऐसा तो नहीं कि जिला प्रशासन सरकार के दबाव में आकर विपक्ष के विधायक की जासूसी करवा रहा है। सांसद ने कहा कि विधायक के समर्थकों द्वारा संदिग्ध युवकों को पकड़कर पुलिस के हवाले किए जाने की बात सामने आई है, इसके बावजूद पुलिस अब तक पूरे मामले की सच्चाई सामने क्यों नहीं ला सकी है, यह बड़ा सवाल है। मनीष जायसवाल ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर जल्द से जल्द पूरे घटनाक्रम का खुलासा करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि के आवास और कार्यालय की सुरक्षा से जुड़ा यह मामला गंभीर है और इसकी जांच पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए।

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