गिरिडीह
सीएम हेमंत सोरेन आज रात गिरिडीह में ही रुकेंगे। सीएम सोरेन फिलहाल सुदिव्य कुमार सोनू के आवास पर ही रुके हुए हैं। उनके साथ उनकी पत्नी एवं गांडेय विधायक कल्पना सोरेन समेत कई मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता भी गिरिडीह में मौजूद हैं। परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करने और शोकाकुल परिजनों के साथ समय बिताने के बाद सोमवार को मुख्यमंत्री का गिरिडीह से प्रस्थान का कार्यक्रम है। इस बीच सीएम सोरेन ने एक भावुक पोस्ट में कहा, “शरीर तो अग्नि को सौंप दिया, पर कैसे छोड़ जाएँ अपने बड़े भाई समान मित्र को अकेला। मन मानने को तैयार नहीं है कि सोनू भैया अब हमारे बीच नहीं हैं। अंतिम विदाई के उस क्षण में लगा जैसे समय ठहर गया हो। आँखों के सामने उनकी मुस्कुराती हुई छवि, उनका स्नेह और उनका अपनापन बार-बार आता रहा।“
रिश्ते के बारे में बताया
सोरेन ने आगे कहा, “कुछ रिश्ते नाम के मोहताज नहीं होते। सोनू भैया मेरे लिए ऐसे ही रिश्ते थे - बड़े भाई का स्नेह और मित्र का अपनापन, दोनों एक साथ। उनसे जुड़ी यादें आज मन को भीतर तक भिगो रही हैं। शरीर पंचतत्व में विलीन हो गया, लेकिन उनका स्नेह, उनकी बातें, उनका संघर्ष और उनके साथ बिताया हर पल हमारे बीच हमेशा जीवित रहेगा। भैया, आपको विदा तो कर दिया, लेकिन दिल कैसे मान ले कि अब आप हमारे साथ नहीं हैं। आपकी कमी हमेशा खलेगी। आप हमेशा हमारे दिलों में रहेंगे।“
सोमवार को पहले देवघर जाएंगे
इधर, जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सोमवार को पहले देवघर जाएंगे। इसके बाद वे देवघर से रांची के लिए रवाना होंगे। सुदिव्य कुमार सोनू के निधन से झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) समेत पूरे राजनीतिक गलियारे में शोक का माहौल है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सुदिव्य कुमार सोनू को अपने बड़े भाई के समान बताते हुए उनके निधन को व्यक्तिगत और पार्टी के लिए बड़ी क्षति बताया है। गिरिडीह में दिनभर सुदिव्य कुमार सोनू के अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ती रही। शहर के विभिन्न हिस्सों से पार्थिव शरीर को ले जाया गया, ताकि आम लोग अपने प्रिय जनप्रतिनिधि को अंतिम विदाई दे सकें।
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